नई दिल्लीआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को लेकर आईआईटी मद्रास ने एक नई पहल की है। इसके तहत ‘एआई स्टूडियो’ शुरू करने की घोषणा की गई है। यह अपनी तरह का पहला ऐसा वेंचर स्टूडियो होगा, जिसका मकसद संस्थान की रिसर्च से नई एआई, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस कंपनियां तैयार करना है। एआई को शोध प्रयोगशालाओं से सीधे बाजार और आम लोगों की जरूरतों से जोड़ा जाएगा। इस पहल में खास तौर पर स्वास्थ्य एआई, शिक्षा एआई, रिस्पांसिबिल एआई व भारतीय भाषाओं से जुड़ी एआई तकनीकों पर ध्यान दिया जाएगा। यानी शोधकर्ताओं के नए विचारों को केवल शोध पत्रों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें उपयोगी उत्पाद और कारोबार में बदलने की कोशिश होगी। आईआईटी मद्रास ने बताया कि उनके वाधवानी स्कूल ऑफ डेटा साइंस एंड एआई की मदद से यह स्टूडियो बनाया जा रहा है।

एआई स्टूडियो शोधकर्ताओं और उद्यमियों को विचार के शुरुआती चरण से लेकर एक मजबूत और विस्तार योग्य कंपनी बनाने तक सहयोग देगा। चुनी गई टीमों को शुरुआती पूंजी, क्लाउड और कंप्यूटिंग संसाधन, प्रयोगशालाओं की सुविधा मिलेगी। विशेषज्ञों से मार्गदर्शन और उत्पाद को बाजार की जरूरत के मुताबिक तैयार करने में भी मदद मिलेगी। इसके बाद सफल उद्यमों को आईआईटी मद्रास के इन्क्यूबेशन सेल के तहत स्वतंत्र कंपनी के रूप में आगे बढ़ने का रास्ता मिलेगा।

आईआईटी स्थित वाधवानी स्कूल ऑफ डेटा साइंस एंड एआई के प्रमुख प्रोफेसर बालारमन रविंद्रन ने कहा कि स्कूल का लक्ष्य एआई को प्रयोगशाला से वास्तविक दुनिया तक ले जाना है। एआई वेंचर स्टूडियो इस लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए शोध को ऐसी कंपनियों में बदलने पर जोर देगा, जो लोगों की वास्तविक जरूरतों को पूरा कर सकें। एआई स्टूडियो की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपा करेमुंगिकर के मुताबिक भारत में एआई, उच्चस्तरीय शोध और देश की महत्वाकांक्षाएं एक साथ आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में स्टूडियो का उद्देश्य मजबूत शोध के आधार पर ऐसी कंपनियां तैयार करना है, जो वास्तविक समस्याओं का समाधान कर सकें।

आईआईटी मद्रास के स्कूल ऑफ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप के प्रमुख प्रोफेसर सत्य शेषाद्रि ने इसे संस्थान की सक्रिय रूप से नई कंपनियां तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उनके अनुसार, चुनी गई टीमों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन, तकनीकी संसाधन और ग्राहकों तक पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी। एआई स्टूडियो में दूसरे संस्थानों के अकादमिक उद्यमी और बाहरी उद्यमी भी आवेदन कर सकेंगे।

आवेदकों के लिए दो चरण होंगे। पहले चरण में प्रशिक्षण और बूटकैंप होगा। इसके बाद चुने गए उद्यमों के लिए विस्तृत स्टूडियो कार्यक्रम चलेगा। पहले समूह के लिए आवेदन इसी साल 3 अक्टूबर से शुरू होंगे। स्टूडियो में चयनित उद्यमों के लिए छह महीने का विकास और मूल्यांकन कार्यक्रम होगा। जरूरत पड़ने पर इसे तीन महीने तक बढ़ाया जा सकेगा। इसका लक्ष्य संस्थागत स्तर पर आगे की पूंजी जुटाने के लिए उद्यमों को तैयार करना होगा। एआई स्टूडियो साल में दो समूह चलाएगा।