नई दिल्ली। भारत के लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर की लंदन में टखने की सर्जरी हुई है। 28 सितंबर को नागोया में एशियन गेम्स 2026 के दौरान पुरुषों की लंबी कूद के फाइनल में टेक-ऑफ बोर्ड से फिसलने के कारण उनके लिगामेंट्स में चोट लग गई थी।27 वर्षीय एथलीट ने बुधवार, (14 अक्टूबर) को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए इस प्रक्रिया की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि बीजिंग में वर्ल्ड चैंपियनशिप 2027 और लॉस एंजिल्स में ओलंपिक 2028 से पहले अपने दाहिने टखने को स्थिर (स्टेबल) करने के लिए यह सर्जरी जरूरी थी।
श्रीशंकर ने अपने डॉक्टर और कोच के साथ तस्वीरें शेयर करके लिखा, "हालांकि, मैं इन सब से गुजरना नहीं चाहता था, लेकिन इस बार मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था। मंगलवार को लंदन के फोर्टियस क्लिनिक में डॉ. पीटर डी'हूघे की देखरेख में मेरे टखने की एक छोटी सी सर्जरी हुई। एशियन गेम्स के दौरान टेक-ऑफ बोर्ड से फिसलने की वजह से मेरे लिगामेंट्स में चोट लग गई थी। सलाह-मशविरे और जांच के बाद यह पक्का करने के लिए सर्जरी जरूरी समझी गई कि मेरा टखना स्थिर रहे और आने वाले सीजन के लिए तैयार हो, जिसमें बीजिंग में वर्ल्ड चैंपियनशिप 2027 और सबसे अहम, लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 शामिल हैं।"
श्रीशंकर को यह झटका तब लगा जब उन्हें उम्मीद थी कि आराम और रिहैबिलिटेशन से चोट ठीक हो जाएगी। यह घटना एशियन गेम्स के फाइनल के दौरान बारिश से भीगे ट्रैक पर हुई थी, जब वे अपनी चौथी कोशिश की तैयारी करते समय फिसल गए और उनका दाहिना टखना मुड़ गया। अपनी आखिरी दो जंप पूरी न कर पाने के बावजूद, उन्होंने दूसरे राउंड में 8.07 मीटर की छलांग के साथ सिल्वर मेडल जीता। चीन के शी युहाओ ने 8.17 मीटर के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि उज्बेकिस्तान के अनवर अनवरोव ने 8.06 मीटर के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
ऑपरेशन का फैसला और मेडिकल सलाह-मशविरे और जांच के बाद लिया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को घोषणा की थी कि केंद्र सरकार श्रीशंकर की सर्जरी, इलाज और रिहैबिलिटेशन का पूरा खर्च उठाएगी। इससे उन्हें प्रतियोगिता में वापसी की तैयारी के दौरान स्पेशलिस्ट केयर मिल सकेगी।
शारीरिक चोट के अलावा, करियर में बार-बार आने वाली रुकावटों ने भी इस भारतीय एथलीट पर असर डाला है। बार-बार चोट लगने के बारे में पूछे गए सवालों पर श्रीशंकर ने माना था कि उनके पास इसका कोई पक्का जवाब नहीं है, लेकिन उन्होंने कहा कि उनका ध्यान हालात के बारे में सोचने के बजाय आगे बढ़ने पर है।
उन्होंने कहा, "आप में से कुछ लोग सोच रहे होंगे कि यह खिलाड़ी बार-बार चोटिल क्यों हो जाता है? सच कहूं तो, मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है। मैं इसके लिए गीले टेकऑफ बोर्ड या शायद अपनी किस्मत को दोष दे सकता हूं, लेकिन इनमें से किसी से भी मुझे मदद नहीं मिलेगी। इसके बजाय, मैं जो हुआ उसे स्वीकार करना और खुद को बेहतर बनाने की दिशा में काम करते रहना पसंद करूंगा।"
हालिया चोट के बावजूद श्रीशंकर ने भरोसे और दृढ़ता के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पहले भी मुश्किल दौर से वापसी की है और इस बार भी वही जज्बा उन्हें मजबूत बनाए रखेगा। उन्होंने कहा, "मुझे एक बात अच्छी तरह पता है कि मेरे अंदर वापसी करने की खास ताकत और 'माम्बा मेंटैलिटी' है। यही सोच मुझे इस रिहैबिलिटेशन से बाहर निकलने में मदद करेगी।"
श्रीशंकर ने अपने इलाज और रिकवरी में सहयोग करने वाले सभी संस्थानों का धन्यवाद किया। उन्होंने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) की टॉप्स योजना, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) और रिलायंस फाउंडेशन फॉर यूथ स्पोर्ट्स के समर्थन के लिए आभार जताया।











