नई दिल्ली। भारत के पूर्व बैटिंग कोच विक्रम राठौर यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) के पहले सीजन में 'डबलिन गार्डियंस' के हेड कोच हैं। भारत के पूर्व कप्तान और हेड कोच राहुल द्रविड़ इस टीम के सह-मालिक हैं। रविचंद्रन अश्विन की कप्तानी वाली यह टीम टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत के बाद फिलहाल 5वें स्थान पर है।
विक्रम राठौर का मानना है कि भारतीय अनुभव से 'ईटीपीएल' का स्तर काफी ऊंचा होगा। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि लीग के लंबे समय तक चलने के लिए पूरे साल स्थानीय यूरोपीय टैलेंट को तैयार करना बहुत जरूरी होगा।
गुरुवार को वर्चुअल बातचीत में राठौर ने 'आईएएनएस' से कहा, "इससे निश्चित रूप से मदद मिलेगी, क्योंकि भारत क्रिकेट, और खासकर टी20 क्रिकेट का पावरहाउस रहा है, क्योंकि आईपीएल भारत में ही होता है। इसलिए, भारत से लोगों का दुनिया के इन हिस्सों में आना और अपने अनुभव व आईपीएल या दूसरी लीग में काम करके जो सीखा है, उसे साझा करना बहुत अच्छी बात है।"
द्रविड़ और राठौर ने भारतीय टीम के साथ अपने कार्यकाल के दौरान क्रमशः हेड कोच और बैटिंग कोच के तौर पर मिलकर काम किया था। राठौर ने कहा, "राहुल लंबे समय से इस खेल से जुड़े रहे हैं और समझते हैं कि यह खेल कैसे चलता है। इसलिए, जिस टीम के साथ मैं काम कर रहा हूं, उसके सह-मालिक के तौर पर उनका होना बहुत अच्छा है। मुझे उन्हें कुछ समझाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जानते हैं कि यह खेल कैसे चलता है।"
"इस लीग में नतीजों के लिहाज से हमारी शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही, लेकिन फिर भी, राहुल का वहां होना वाकई बहुत अच्छा रहा है। उन्होंने टीम का समर्थन किया है। उनके, मेरे और फ्रेंचाइजी के लिए विजन यूरोप में, खासकर आयरलैंड में क्रिकेट और क्रिकेटरों को विकसित करना है, और यह एक लॉन्ग-टर्म विजन है। तो, नतीजे तो जरूरी हैं ही, लेकिन नजरिया नतीजों से कहीं बड़ा है। हम इसे इसी नजरिए से देख रहे हैं। अब तक, मुझे लगता है कि हमने जो टीम चुनी है और जो स्थानीय प्रतिभा हम साथ लाए हैं, उससे हम बहुत खुश हैं। हम उन्हें अपने साथ बनाए रख सकते हैं और राहुल की इच्छा के अनुसार उनके साथ काम करना जारी रख सकते हैं। यह सिर्फ एक महीने के लिए नहीं, बल्कि पूरे साल के लिए होना चाहिए; इन सभी खिलाड़ियों के साथ एक तरह की निरंतरता और जुड़ाव होना चाहिए, ताकि हम उन्हें प्रैक्टिस करने और बेहतर बनने में मदद कर सकें।"
राठौर आईपीएल 2008 की विजेता टीम राजस्थान रॉयल्स के लीड असिस्टेंट कोच भी हैं। उन्होंने कहा, "बतौर कोच यह नजरिया मेरे लिए भी सही है, क्योंकि मैं असल में कोचिंग करना चाहता हूं। मैं एक कोच के तौर पर बेहतर बनना चाहता हूं। अब तक सब कुछ बहुत अच्छा रहा है। टीम और पूरे ग्रुप का माहौल बहुत अच्छा रहा है, भले ही हम जीते नहीं थे। कल हमने पहली जीत हासिल करते हुए खाता खोल लिया है। अब देखते हैं आगे क्या होता है।"
राठौर ने बताया कि डबलिन गार्डियंस की शुरुआत मुश्किल होने के बावजूद द्रविड़ ने बहुत ज्यादा सहयोग किया है। द्रविड़ का सहानुभूतिपूर्ण नजरिया उनकी पिछली कोचिंग भूमिकाओं से टीम की कार्यप्रणाली के बारे में मिली गहरी समझ से आता है, जबकि कप्तान-सह-मेंटोर अश्विन का क्रिकेट के प्रति जुनून और दुनिया भर के खिलाड़ियों व परिस्थितियों के बारे में उनकी व्यापक जानकारी बहुत फायदेमंद रही है।
फ्रेंचाइजी क्रिकेट के लिए यूरोप को अगले बड़े क्षेत्र के तौर पर देखते हुए, राठौर ने कहा कि जो लीग मजबूत स्थानीय भागीदारी पर निर्भर करती हैं, उनके टिके रहने की संभावना उन लीगों की तुलना में कहीं ज्यादा होती है जो पूरी तरह से विदेशी खिलाड़ियों से बनी होती हैं।
उन्होंने कहा, "हां, ऐसा हो सकता है। मैं इससे सहमत हूं, क्योंकि स्थानीय समुदाय में बहुत उत्साह है। देखिए, मेरा हमेशा से मानना रहा है कि किसी भी लीग के सफल होने के लिए, स्थानीय प्रतिभा ही उसे आगे बढ़ाती है। हम ईटीपीएल में भी ऐसा देख सकते हैं, जैसे हमारी टीम में ही आयरलैंड के छह खिलाड़ी हैं और दो अन्य यूरोपीय देशों से हैं – एक स्कॉटलैंड से और एक नीदरलैंड से। तो, इस तरह का मिश्रण वास्तव में मदद करता है, क्योंकि स्थानीय प्रतिभा ही टीम को आगे बढ़ाती है। दुनिया में कुछ ऐसी लीग भी खेली जा रही हैं, जहां असल में सभी खिलाड़ी बाहर के होते हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि ऐसी लीग का टिके रहना मुश्किल होता है। यह मेरी निजी राय है।"
"लेकिन एक यूरोपीय लीग के टिके रहने और अच्छा प्रदर्शन करने की संभावना बेहतर है क्योंकि, जैसा कि मैंने पहले कहा, बहुत सारे स्थानीय खिलाड़ी खेल रहे हैं और आखिरकार वही इस लीग को आगे बढ़ाएंगे। अगर हम साल भर उनके साथ काम करते रहें और यह सुनिश्चित करें कि वे खिलाड़ी के तौर पर बेहतर बनें, तो आप देखेंगे कि इनमें से कई खिलाड़ी अलग-अलग लीग में और उम्मीद है कि आने वाले समय में आईपीएल में भी खेलेंगे। यह इसे खास बनाता है, क्योंकि यह एक बेहतरीन वेन्यू है। दुनिया में यह एक शानदार जगह है। इसलिए, अगर यह लीग चलती रही और अच्छा प्रदर्शन करती रही। मुझे लगता है कि दुनिया के बहुत सारे खिलाड़ी इस अनुभव के लिए यहां आना चाहेंगे।"




