नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि देश की चिप इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है और भारतीय सेमीकंडक्टर दुनिया में निर्यात होंगे। साथ ही, उन्होंने देश की तेज विकास दर और मजबूत होते फिनटेक और लॉजिस्टिक सेक्टर का जिक्र किया।सेमीकॉन इंडिया 2026 के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर चुनौतीपूर्ण माहौल होने के बाद भी देश ने वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर हासिल की है।

उन्होंने पिछले 15 दिनों में हुई घटनाओं का जिक्र किया, जिनमें मुंबई में हुआ ग्लोबल फिनटेक फेस्ट भी शामिल है। इस फेस्ट में एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन और क्वांटम टेक्नोलॉजी के जरिए सभी को फाइनेंशियल सर्विस देने पर चर्चा हुई। साथ ही, लगभग 3,000 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के चालू होने का भी जिक्र किया गया।

सेमीकंडक्टर के बारे में पीएम मोदी ने कहा कि भारत की चिप इंडस्ट्री तेजी से आगे बढ़ रही है और 'भारत की चिप्स दुनिया भर में जाएंगी।'

पीएम मोदी ने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर देश भर में आवाजाही को तेज करेंगे, लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाएंगे और मैन्युफैक्चरिंग को नई गति देंगे।

इसके अलावा, उन्होंने एक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा भारत की सॉवरेन रेटिंग में सुधार का जिक्र किया और कहा कि यह विकास भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़ते वैश्विक भरोसे को दर्शाता है।

भारत की मेजबानी में हाल ही में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आम सहमति से 'नई दिल्ली घोषणापत्र' को अपनाना भारत में अंतरराष्ट्रीय भरोसे का एक और संकेत है।

वहीं, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 'सेमीकॉन 2.0' छह स्तंभों चिप डिजाइन, मशीन और मटेरियल, फैब्स, एडवांस्ड पैकेजिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और टैलेंट के आधार पर भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करेगा।

केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि सेमीकंडक्टर प्रोग्राम के पहले चरण में 105 से ज्यादा स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया था, जिनमें से लगभग 20 स्टार्टअप्स ने करीब 800 करोड़ रुपए की वेंचर कैपिटल फंडिंग हासिल की।

सेमीकॉन 2.0 के तहत, सरकार का लक्ष्य कम से कम 200 चिप-डिजाइन स्टार्टअप और कंपनियों को मदद देना है।

उन्होंने कहा कि भारत ने 10 साल में 85,000 डिजाइन इंजीनियर तैयार करने के शुरुआती लक्ष्य के मुकाबले, चार साल में ही 70,000 इंजीनियर तैयार कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि अब देश भर की 400 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज में इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन टूल्स उपलब्ध हैं।