बर्लिन। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की परिवर्तनकारी क्षमता पर जोर दिया है। यह समझौता इस साल के अंत तक होने वाला है, जो बाजार पहुंच बढ़ाने, सप्लाई चेन को मजबूत करने और व्यापार तथा निवेश के नए रास्ते बनाने में मदद करेगा।पीयूष गोयल ने बर्लिन में साथ आए भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत को 'सार्थक चर्चा' बताया। उन्होंने भारत-जर्मनी साझेदारी की बढ़ती गति और भारतीय उद्योग के लिए इसमें मौजूद अवसरों का जश्न मनाया।
उन्होंने कारोबारियों, खासकर एमएसएमई से, इस अवसर का लाभ उठाने और जर्मन समकक्षों के साथ स्थायी साझेदारी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने टेक्सटाइल से लेकर फार्मा, इंजीनियरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और नई तकनीकों तक के क्षेत्रों का जिक्र किया।
पीयूष गोयल ने 'एक्स' पर लिखा, "प्रतिनिधिमंडल से गुणवत्ता, अनुपालन और विश्वसनीयता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया, ताकि एक ऐसे देश के रूप में भारत की साख मजबूत हो जो अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करता है और एक ऐसा साझेदार है जिस पर दुनिया भरोसा कर सकती है।"
केंद्रीय मंत्री ने बर्लिन में प्रमुख जर्मन शोध संगठनों के प्रमुखों के साथ एक गोलमेज बैठक को भी संबोधित किया। उन्होंने बताया, "रिसर्च, फ्रंटियर टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में भारत-जर्मनी सहयोग बढ़ाने पर विचार साझा किए। चर्चा में एडवांस्ड मटेरियल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में संयुक्त प्रयासों को तेज करने पर भी फोकस रहा, साथ ही हमारे रिसर्च संस्थानों, स्टार्टअप्स और उद्योग के बीच संबंधों को मजबूत करने पर बात हुई।"
नई और उभरती औद्योगिक तकनीकों पर काम कर रहे चुनिंदा फ्राउनहोफर संस्थानों के प्रमुखों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैसे जर्मन सटीक तकनीक और भारत की कुशल प्रतिभा एक साथ आकर किफायती लागत पर नवाचार को बढ़ा सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "कौशल विकास के लिए भारत के समर्पित प्रयासों के साथ, शोधकर्ताओं, शिक्षा जगत और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने और रिसर्च एंड डेवलपमेंट में हमारी साझेदारी को गहरा करने की अपार संभावनाएं हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि भारत-ईयू एफटीए एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग, आईटी और टेलीकॉम और टेक्नोलॉजी-आधारित सेवाओं में हमारी पूरक ताकतों को जोड़ने के लिए अपार अवसर खोलता है, ताकि हमारे लोगों के लिए अधिक समृद्धि लाई जा सके।
बर्लिन में भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी शोधार्थियों और छात्रों के साथ बातचीत में उन्होंने विदेश में भारतीय प्रतिभाओं के लिए सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने पर उनके विचार सुने और उनसे विकसित भारत की यात्रा में अपने तरीके से योगदान जारी रखने का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "उन्हें पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया कि नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में उनके प्रयासों को महत्वपूर्ण व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में मंच मिलेगा और भारत को मजबूती से पेश किया जाएगा।"














