नई दिल्ली। भारत स्थित इतालवी दूतावास की उप मिशन प्रमुख औरोरा रूसी के अनुसार इस समय दोनों देशों के संबंध बेहतरीन दौर में हैं। दोनों भविष्य में आतंकवाद से लेकर टैलेंट मोबिलिटी तक साथ मिलकर काम करने को तत्पर हैं। सोमवार को आईएएनएस से साक्षात्कार के दौरान उन्होंने अपने विचार रखे।

तीन प्रमुख बातों को केंद्र में रखते हुए उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को खास बताया। आतंकवाद को लेकर इटली के स्पष्ट रुख पर प्रकाश डालते हुए औरोरा ने कहा, "इटली और भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मिलकर काम कर रहे हैं। हाल ही में हमने विदेश मंत्रालय और दोनों देशों की अन्य संस्थाओं के साथ इस विषय पर एक वर्किंग ग्रुप मीटिंग (कार्य समूह बैठक) की है। हमारा मानना है कि इसमें माइग्रेशन (प्रवासन) का एक पहलू भी है जिस पर सावधानी से नजर रखने की जरूरत है, इसलिए यह हमारे माइग्रेशन एंड मोबिलिटी एग्रीमेंट के तहत चर्चा का हिस्सा भी है।"

औरोरा ने भारतीय स्किल्ड वर्कर्स के लिए इटली में मौजूद अवसरों की बात भी कही। तकनीकी पक्ष की ओर ध्यान दिलाते हुए बोलीं, "एक तरफ, इटली को बहुत स्पष्ट रूप से यह समझना होगा कि उसकी जरूरतें क्या हैं। हम जानते हैं कि हमारे यहां कुशल श्रमिकों की बड़ी मांग है। दूसरी तरफ, हम यहां भारत में जो कर सकते हैं, वह श्रमिकों को प्रशिक्षित करना हो सकता है।"

उन्होंने आगे कहा, "उदाहरण के लिए, इतालवी भाषा को एक स्किलिंग कॉम्पिटेंसी (कौशल क्षमता) के रूप में शामिल करने का विचार है, जिस पर हम काम कर रहे हैं। हम भारत सरकार के साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं ताकि एक बार जरूरतों का आकलन हो जाने के बाद कुशल कामगार पराए देश में जरूरतों के मुताबिक खुद को आसानी से ढालने में सहज हों।"

इतालवी दूतावास अधिकारी ने 'स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' और 'पीपल-टू-पीपल कनेक्ट' को भी द्विपक्षीय संबंधों के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा, "हम अपने द्विपक्षीय संबंधों के एक बेहतरीन दौर में हैं। हाल ही में दोनों देश के प्रधानमंत्रियों ने हमारे संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया है और इसका एक हिस्सा है लोगों के बीच आपसी जुड़ाव। इसलिए मोबिलिटी इसका एक बड़ा हिस्सा है और हम एक-दूसरे के देशों के बीच प्रतिभाओं के प्रवाह को बढ़ाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाने पर भी काम कर रहे हैं।"