मुंबई। शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने मॉनसून सत्र, सीजेपी मार्च, यूसीसी ड्राफ्ट, डिलिमिटेशन मुद्दे, राम मंदिर जांच की मांग पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की।

मॉनसून सेशन को लेकर मनीषा कायंदे ने कहा, "विपक्ष अपनी रणनीतियां अपनाएगा। वे पूरी तैयारी के साथ आएंगे, लेकिन सवाल यह है कि उनके पास क्या मुद्दा है? उनके पास न तो ताकत है और न ही कोई मुद्दा, और इसीलिए वे बंटे हुए हैं। इंडी अलायंस का अस्तित्व दिन-ब-दिन कम होता जा रहा है क्योंकि उनके अपने निजी स्वार्थ खत्म नहीं हो रहे हैं। अब, चूंकि उनके पास अपनी ताकत नहीं है, इसलिए वे छोटे समूहों का सहारा ले रहे हैं और विरोध प्रदर्शन करने के लिए उनके समर्थन का इस्तेमाल कर रहे हैं।"

शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान 'कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी)'के संसद मार्च पर कहा कि दिल्ली पुलिस और वहां का कानून तय करता है कि संसद में किसे आने की इजाजत है और किसे नहीं, और मार्च या विरोध प्रदर्शन की इजाजत किस हद तक दी जा सकती है। एक समय मुंबई में भी चर्चगेट पर मार्च और विरोध प्रदर्शन की इजाजत थी। अब, किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन सिर्फ आजाद मैदान में ही किया जा सकता है। इसलिए, किसे इजाजत देनी है और क्या इजाजत देनी है, यह तय करना पुलिस का अधिकार है।"

मनीषा कायंदे ने कहा, "सरकार ने इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से लिया है और राम मंदिर के फंड या दान से जुड़े मामले में सरकार पहले ही गहन जांच के आदेश दे चुकी है। जांच के नतीजों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।"

उन्होंने कहा, "हमारे देश के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड बहुत महत्वपूर्ण है। अगर हम अपनी कुछ नीतियों में बदलाव लाना चाहते हैं, तो यूनिफॉर्म सिविल कोड जरूरी है। यह बालासाहेब ठाकरे का सपना भी था। "

राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरद पवार (एनसीपी-एसपी) के विधायक रोहित पवार के डीलिटेशन पर की गई टिप्‍पणी पर मनीषा कायंदे ने कहा, "पहले से ही ऐसी आशंकाएं जताना सही नहीं है। रोहित पवार किसी न किसी मुद्दे पर सरकार के खिलाफ बयान देकर सुर्खियों में बने रहना पसंद करते हैं। अगर वे सरकार के खिलाफ नहीं बोलेंगे, तो हो सकता है कि मीडिया उन्हें कवर न करे। पूरी एसआईआर प्रक्रिया आपके सामने चल रही है। जनगणना की प्रक्रिया भी चल रही है। अगर आप चाहें तो आपत्तियां उठाने की काफी गुंजाइश है।"

मुंबई के शिवाजी पार्क में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और आदित्‍य ठाकरे ने रैली का आयोजन किया। इस दौरान बड़े पैमाने पर लोगों की भीड़ देखने को मिली। इस पर मनीषा कायंदे ने सवाल उठाते हुए कहा, " ये भीड़ कौन सी थी,क्‍या ये शिवसैनिक थे? या असंतुष्‍ट तत्‍वों को इकट्ठा किया गया। आज स्थिति ऐसी हो गई है कि उद्धव ठाकरे सोनम वांगचुक से समर्थन मांग रहे हैं। वे 'कॉकरोच पार्टी' से समर्थन मांग रहे हैं क्योंकि उनकी अपनी ताकत अब लगभग न के बराबर हो गई है।"