अयोध्या। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रस्तावित अयोध्या दौरे को लेकर संत समाज की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य और हनुमानगढ़ी के पुजारी देवेश आचार्य ने इस दौरे पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव से राम मंदिर में दर्शन करने की बात कही है।


तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि सपा मुखिया का मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन जन्मभूमि अयोध्या में आगमन हो रहा है, यह स्वागत योग्य है। हम लोग आशा करते हैं कि अखिलेश यादव राम मंदिर जाकर रामलला का आशीर्वाद लेंगे।


परमहंस आचार्य ने राम मंदिर से जुड़े वित्तीय अनियमितता को लेकर अखिलेश यादव के बयान का जिक्र करते हुए कहा, "बीते दिनों जो वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया था, उसे लेकर अखिलेश यादव ने सबसे पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। जब लोगों ने उनसे पूछा कि उन्हें यह सूचना किसने दी, तो उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम ने बताया। यदि प्रभु श्री राम ने ही उन्हें सूचना दी है, तो उन्हें कम से कम प्रभु के चरण स्पर्श कर दर्शन तो करना ही चाहिए।"


उन्होंने आगे कहा, "अगर वह दर्शन नहीं करेंगे तो यह समझा जाएगा कि आप समय-समय पर सनातन को बदनाम करने के लिए किसी न किसी षड्यंत्र की सोच रखते हैं और उसे करते रहते हैं।"


वहीं, हनुमानगढ़ी के पुजारी देवेश आचार्य ने भी अखिलेश यादव के दौरे पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, "हम लोगों की और सभी सनातन धर्मावलंबियों की हार्दिक इच्छा है कि अखिलेश यादव अपने परिवार के साथ अयोध्या आकर भगवान रामलला के दर्शन करें और उनका आशीर्वाद लें।"


उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव एक धार्मिक आयोजन में अयोध्या आ रहे हैं, यह किसी पार्टी का कार्यक्रम नहीं है, इसलिए उन्हें निश्चित रूप से भगवान राम के दरबार में जाकर शीश झुकाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें भगवान से माफी मांगनी चाहिए कि इतने दिनों तक वह प्रभु के दर्शन नहीं कर पाए, इसके लिए वह क्षमा प्रार्थी हैं। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं, तो उनकी और उनकी पार्टी के लोगों की जो विचारधारा रही है, जिसमें कई बार हिंदुओं, हिंदू ग्रंथों और देवी-देवताओं का विरोध और अपमान किया गया है, वह सिद्ध होती दिखेगी।