मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष ने किया दिशा लर्निंग सेंटर का निरीक्षण

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टीकमगढ़,मोहसिन। मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने मंगलवार को टीकमगढ़ पुलिस लाइन परिसर स्थित दिशा लर्निंग सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सेंटर की शैक्षणिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वहां अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें कड़ी मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के साथ सेंटर में उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने सेंटर में शांत एवं सुरक्षित अध्ययन वातावरण, सुव्यवस्थित बैठने की व्यवस्था, निःशुल्क वाई-फाई, दैनिक समाचार पत्र, विभिन्न पत्र-पत्रिकाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित उपयोगी पुस्तकों जैसी व्यवस्थाओं की सराहना की।
उन्होंने कहा कि दिशा लर्निंग सेंटर जैसे प्रयास युवाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन माहौल मिल रहा है, जिससे वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अधिक प्रभावी तरीके से कर सकते हैं।
डॉ. अवधेश प्रताप सिंह, अध्यक्ष, मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग
“लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। यदि विद्यार्थी पूरी लगन और अनुशासन के साथ तैयारी करें तो वे निश्चित रूप से अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।”
इस दौरान डॉ. सिंह ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें निरंतर मेहनत करने और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ही युवाओं को बेहतर अवसर और सकारात्मक दिशा मिल सकती है। वहीं पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने बताया कि दिशा लर्निंग सेंटर में विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के लिए समय-समय पर निरीक्षण और समीक्षा की जाती है, ताकि व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जा सकें।
निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने सेंटर में उपलब्ध पुस्तकें, पत्र-पत्रिकाएं, वातानुकूलित व्यवस्था, वाई-फाई, पेयजल, फर्नीचर और शांत अध्ययन वातावरण का भी अवलोकन किया और इन व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। इस अवसर पर जिला वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. प्रदीप यादव, रक्षित निरीक्षक कनक सिंह चौहान, रक्षित निरीक्षक कैलाश पटेल, कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक रविभूषण पाठक सहित छात्र-छात्राएं, आमजन और पत्रकारगण मौजूद रहे।



