मंदसौर/दलौदा, ललित शंकर धाकड़। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के दलौदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम आक्या में 14 वर्षीय नाबालिग बालिका की संदिग्ध मौत के बाद उपजा भारी जनाक्रोश दूसरे दिन भी थमता नजर नहीं आया। हालांकि, शनिवार को जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की संयुक्त व बड़ी दंडात्मक कार्रवाई के बाद गांव में हालात अब पूरी तरह नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। परिजनों और समाजजनों की मांग पर त्वरित एक्शन लेते हुए शनिवार को जहां एक तरफ आरोपी द्वारा किए गए अवैध कब्जे पर प्रशासन का बुलडोजर गरजा, वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने आरोपी का गांव की गलियों में पैदल जुलूस निकालकर अपराधियों को सख्त संदेश देने की कोशिश की। सुबह से शाम तक चली इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब गांव में शांति और संतोष का माहौल देखने को मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि लापता नाबालिग बालिका का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कुएं में मिलने के बाद शुक्रवार को ग्रामीणों ने महू-नीमच हाईवे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया था। उस दौरान परिजनों ने पुलिस प्रशासन के सामने मुख्य रूप से आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज करने, उसका अवैध कब्जा ध्वस्त करने और गांव में उसका जुलूस निकालने की कड़ी मांग रखी थी। प्रशासन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन के बाद ही हाईवे का जाम खुला था। इसी वादे को निभाते हुए शनिवार सुबह राजस्व विभाग की टीम तहसीलदार रवि पटेल के नेतृत्व में आरोपी के मकान और जमीन के कब्जे की नपती (सीमांकन) करने के लिए आक्या गांव पहुंची। लेकिन इस दौरान ग्रामीणों ने टीम पर गलत सीमांकन करने का आरोप लगाते हुए अचानक विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोश इस कदर बढ़ गया कि कुछ पीड़ित महिलाएं तहसीलदार की शासकीय गाड़ी के सामने ही सड़क पर बैठ गईं और सही नपती कर पूरे अवैध निर्माण को जमींदोज करने की मांग पर अड़ गईं।
गांव में दोबारा हालात बिगड़ने और भारी तनाव की सूचना मिलते ही मंदसौर एसडीएम शुभम पाटीदार और ग्रामीण एसडीओपी कीर्ति बघेल सहित भारी पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा। प्रशासनिक अधिकारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को शांत कराया और उनकी संतुष्टि के लिए दोबारा निष्पक्ष सीमांकन करवाया। जैसे ही यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर रखा है, वैसे ही प्रशासन ने बिना कोई वक्त गंवाए जेसीबी (JCB) और बुलडोजर मशीनों की मदद से पूरे अवैध निर्माण को पल भर में ध्वस्त कर दिया। इसके तुरंत बाद, क्षेत्र में कानून का खौफ पैदा करने और पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाने के लिए पुलिस ने आरोपी को हथकड़ी लगाकर पूरे गांव में पैदल घुमाया और उसका जुलूस निकालते हुए न्यायालय में पेश किया।
सुबह 11 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक लगातार चली इस संयुक्त और आक्रामक कार्रवाई के दौरान एहतियातन करीब पांच थानों का भारी पुलिस बल, वज्र वाहन, संपूर्ण राजस्व अमला और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सरकार के इस त्वरित और सख्त एक्शन को देखकर पीड़ित परिवार सहित पूरे आक्या गांव के नागरिकों ने संतोष व्यक्त किया है। एहतियातन तौर पर पुलिस बल अभी भी गांव में गश्त कर रहा है और वर्तमान में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रण में बनी हुई है।

