उमरिया, तपस गुप्ता । जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां बिरासनी धाम में गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर नौ दिवसीय विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हो गया है। मंदिर परिसर में विधि-विधान से मां भगवती की आराधना, दुर्गा सप्तशती का पाठ, हवन और विशेष पूजा-अर्चना का क्रम लगातार जारी है। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
मां बिरासनी शक्तिपीठ के पुजारी छोटू पंडा ने बताया कि गुप्त नवरात्रि के दौरान मंदिर में विद्वान पंडितों द्वारा नौ दिनों तक दुर्गा सप्तशती और अन्य धार्मिक ग्रंथों का पाठ किया जा रहा है। मां भगवती का विशेष श्रृंगार, पूजन एवं हवन प्रतिदिन संपन्न कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह पर्व सामान्य नवरात्रि की अपेक्षा शांत एवं गुप्त रूप से मनाया जाता है, इसलिए यहां साधना और मंत्र जाप का विशेष महत्व रहता है।
आचार्य राकेश उपाध्याय ने बताया कि वर्ष में चार नवरात्रियां होती हैं, जिनमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि के अलावा दो गुप्त नवरात्रियां भी शास्त्रों में वर्णित हैं। आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नवमी तक मनाई जाने वाली गुप्त नवरात्रि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इस दौरान मां दुर्गा के साथ दस महाविद्याओं की उपासना की जाती है तथा मंत्र जाप, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से साधना करने पर शीघ्र फल प्राप्त होने की मान्यता है।
उन्होंने बताया कि गुप्त नवरात्रि के अधिकांश अनुष्ठान सार्वजनिक रूप से नहीं, बल्कि पूरी श्रद्धा और गोपनीयता के साथ संपन्न किए जाते हैं। इसी कारण इसे गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। यह पर्व विशेष रूप से तांत्रिक साधना, आध्यात्मिक उन्नति और देवी कृपा प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्ची श्रद्धा और विधि-विधान से की गई आराधना से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। यही वजह है कि हर वर्ष गुप्त नवरात्रि के दौरान मां बिरासनी धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।




