अहमदाबाद। गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (जीएमआरसी) ने बुधवार को बताया कि नवरात्रि के दौरान देर रात यात्रा की सुविधा के लिए अहमदाबाद मेट्रो की सेवाएं 14 से 19 अक्टूबर तक रात 2 बजे तक चलेंगी। इस बढ़ी हुई समय-सीमा के दौरान यात्रा करने के लिए यात्रियों को 50 रुपये का एक खास पेपर टिकट खरीदना होगा।अभी मेट्रो सेवाएं सुबह 6:20 बजे से रात 11 बजे तक चलती हैं। नए शेड्यूल के तहत, वस्त्रल गाम, थल्तेज गाम और एपीएमसी–कोटेश्वर रोड कॉरिडोर पर ट्रेनें 30 मिनट के अंतराल पर चलेंगी, जबकि एपीएमसी–सेक्टर-1 कॉरिडोर पर सेवाएं देर रात के तय समय के दौरान हर घंटे चलेंगी।
वस्त्रल गाम–थल्तेज गाम कॉरिडोर पर, आखिरी ट्रेनें वस्त्रल गाम से रात 2 बजे और थल्तेज गाम से रात 2:12 बजे चलेंगी। एपीएमसी–कोटेश्वर रोड कॉरिडोर पर, आखिरी ट्रेनें एपीएमसी से रात 2:14 बजे और कोटेश्वर रोड से रात 2:07 बजे चलेंगी।
एपीएमसी–सेक्टर-1 कॉरिडोर पर, आखिरी ट्रेनें एपीएमसी से रात 12:44 बजे और सेक्टर-1 से रात 12:38 बजे चलेंगी।
इस कॉरिडोर के लिए बढ़ाए गए शेड्यूल में एपीएमसी से रात 10:30 बजे, 11:44 बजे और 12:44 बजे, और सेक्टर-1 से रात 10:38 बजे, 11:38 बजे और 12:38 बजे ट्रेनें चलेंगी।
जीएमआरसी ने कहा कि ऑपरेशन के बढ़े हुए समय के दौरान यात्रा के लिए सिर्फ़ 50 रुपए वाला स्पेशल पेपर टिकट ही मान्य होगा। ये टिकट सभी मेट्रो स्टेशनों पर मिलेंगे और इनका इस्तेमाल सिर्फ़ एक बार की यात्रा के लिए किया जा सकेगा।
वहीं, अहमदाबाद पुलिस ने बताया कि नवरात्रि के शुरुआती तीन दिनों में ट्रैफ़िक जाम ज़्यादा नहीं था, हालांकि गरबा प्रोग्राम खत्म होने के बाद रात में एसजी हाईवे, रिंग रोड और मुख्य जंक्शनों पर कुछ जगहों पर जाम की खबर मिली थी।
पुलिस के अनुसार, शहर का कंट्रोल रूम 4,300 कैमरों के जरिए ट्रैफिक पर नजर रख रहा है। इनमें स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए 3,300 कैमरे और निर्भया प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए 1,000 कैमरे शामिल हैं।
पुलिस को ट्रैफिक जाम से जुड़ी तीन कॉल 11 अक्टूबर को, नौ कॉल 12 अक्टूबर को और पांच कॉल 13 अक्टूबर को मिलीं। इन कॉल्स पर कार्रवाई का समय 10 मिनट से भी कम था। इसकी तुलना में, पिछले साल नवरात्रि के शुरुआती तीन दिनों में ऐसी लगभग 45 कॉल आई थीं। पुलिस ने कॉल्स में कमी का कारण ट्रैफिक नियमन, सड़क इंजीनियरिंग के उपाय और जनता के सहयोग को बताया।
त्योहार के लिए, शहर की पुलिस ने 49 एसएचई टीम की गाड़ियां, 12 अभयम हेल्पलाइन गाड़ियां, 49 स्पेशल गरबा गाड़ियां और 129 पेट्रोलिंग गाड़ियां (जिनमें जनरक्षक डायल 112 की गाड़ियां भी शामिल हैं) तैनात कीं। पुलिस ने बताया कि शुरुआती तीन दिनों में, मदद मांगने वाली चार महिलाओं को उनकी बताई जगहों से पिक किया गया और सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया।
एसएचई टीमों ने गरबा की मुख्य जगहों और सड़क पर होने वाले गरबा कार्यक्रमों का दौरा किया, साथ ही सीसीटीवी कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और बॉडी-वर्न कैमरों का इस्तेमाल किया।











