नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच स्जोर्ड मारिजने का मानना है कि 52 वर्षों में विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप में टीम के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ने खिलाड़ियों को सिर्फ उत्साह ही नहीं दिया, बल्कि उससे कहीं अधिक मूल्यवान चीज दी है। उनका कहना है कि इस उपलब्धि ने टीम के भीतर यह विश्वास पैदा किया है कि वे दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ भी मजबूती से मुकाबला कर सकती हैं।

भारत एफआईएच विमेंस वर्ल्ड कप में पांचवें स्थान पर रहा। टीम इसी आत्मविश्वास के साथ एशियन गेम्स 2026 में उतरेगी, जहां वे गोल्ड मेडल जीतकर एलए 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन हासिल करने की कोशिश करेंगे।

मारिजने के लिए वर्ल्ड कप कैंपेन का सबसे बड़ा असर यह रहा कि खिलाड़ियों को खुद यह महसूस हुआ कि वे शीर्ष स्तर पर खेलने के काबिल हैं। मारिजने ने 'ओलंपिक्सडॉटकॉम' से कहा, "मैं उन्हें कई बार कह सकता हूं, 'ठीक है, हम एक अच्छी टीम हैं, आप यह कर सकते हैं,' लेकिन उन्हें खुद इसे महसूस करना होगा। अब उन्होंने दुनिया की बेहतरीन टीमों के खिलाफ खेला है और उन्हें महसूस हुआ है कि वे उनका मुकाबला कर सकती हैं और कभी-कभी उन्हें हरा भी सकती हैं, जैसे जर्मनी को, जिसे मैं टॉप-4 टीमों में मानता हूं।"

जब वर्ल्ड कप जारी था, तब जर्मनी दुनिया में पांचवें और भारत 9वें स्थान पर था। भारतीय टीम ने जर्मनी को हराकर क्लासिफिकेशन मैच में 5वां स्थान हासिल किया।

उन्होंने कहा, "कभी-कभी आप यह समझने के लिए थोड़ा और समय चाहते हैं कि असल में क्या हुआ, क्योंकि जब आप उस पल में होते हैं, तो आपको हमेशा इसका एहसास नहीं होता, लेकिन स्थिति ऐसी ही है और अब हमें एशियन गेम्स पर ध्यान देना होगा। बेशक, उस स्थान के साथ वापस आना बहुत अच्छा लगता है और इससे टीम को बहुत आत्मविश्वास मिलता है।"

एशियन गेम्स की शुरुआत 19 सितंबर से होने जा रही है। मारिजने ने माना कि आइची-नागोया में भारत को कड़ी टक्कर मिलेगी, क्योंकि चीन, जापान और कोरिया जैसी टीमें टॉप स्थानों के लिए चुनौती पेश करेंगी, लेकिन कोच चाहते हैं कि उनके खिलाड़ी बड़ी तस्वीर के बजाय अपने प्रदर्शन पर ध्यान दें।

जब उनसे एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने की संभावना के बारे में पूछा गया, तो भी मारिजने ने काल्पनिक बातों पर चर्चा करने से इनकार कर दिया।

मारिजने ने कहा, "मैं अगर-मगर में यकीन नहीं रखता। माफ कीजिए, मुझे पता है कि आप जवाब चाहते हैं, लेकिन मैं चीजों को बुरी नजर नहीं लगाना चाहता। मैं अपने विरोधियों का सम्मान करता हूं।"

उनकी यह सोच इसलिए है, क्योंकि वह चाहते हैं कि खिलाड़ी संभावित नतीजों के बारे में सोचने के बजाय उन चीजों पर ध्यान दें जिन पर उनका नियंत्रण है। उन्होंने समझाया, "नतीजों के बारे में सोचना, जैसे 'अरे, अगर हम यह जीत गए' या 'अगर हम वह हार गए', इससे तनाव पैदा होता है, लेकिन अगर मैं इस बात में लगा रहूं कि 'ठीक है, इस समय लड़कियों को मुझसे क्या चाहिए?', तो इससे मेरा ध्यान उन चीजों पर वापस आ जाता है जिन पर मेरा नियंत्रण है।"

हालांकि, मारिजने बहुत आगे की नहीं सोचना चाहते, लेकिन अपनी टीम में जीत की भूख देखकर उन्हें अच्छा लगता है। वर्ल्ड कप में 5वें स्थान पर रहने के बावजूद खिलाड़ी पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे, और इसी महत्वाकांक्षा की वजह से वह लगातार बेहतर करने की उम्मीद रख पाते हैं।