कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बारुईपुर की घटना, स्वास्थ्य योजनाओं और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद सौगत रॉय ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बारुईपुर दौरे, आयुष्मान भारत योजना, विभिन्न राजनीतिक नियुक्तियों और पार्टी से जुड़े घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए कई सवाल उठाए।सुवेंदु अधिकारी द्वारा बारुईपुर में पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने के सवाल पर सौगत रॉय ने कहा कि मुख्यमंत्री का काम इधर-उधर जाना है। वो ऑफिस का काम कम करते हैं। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा राज्य में हुई घटना और उसके बाद की कार्रवाई है। बारुईपुर में 12 वर्षीय एक बच्ची की हत्या बेहद गंभीर घटना है। जिस व्यक्ति को इस मामले में आरोपी बनाया गया था, उसका बाद में एनकाउंटर कर दिया गया। यदि ऐसा हुआ है तो इसकी वैधानिकता पर सवाल उठते हैं और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। उनका मुख्य सवाल यही है कि कथित एनकाउंटर को लेकर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री क्या स्पष्टीकरण देंगे।
पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू होने और अधिकारियों द्वारा राज्य के सभी लोगों को इसका लाभ मिलने के दावे पर सौगत रॉय ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की घोषणा की है क्योंकि आयुष्मान भारत के तहत सभी लोगों को पर्याप्त कवरेज नहीं मिल पाएगा। उन्होंने दावा किया कि पहले 'स्वास्थ्य साथी' योजना के माध्यम से राज्य के सभी नागरिकों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती थीं, जबकि नई व्यवस्था में वैसा कवरेज नहीं मिलेगा।
राजनीतिक नियुक्तियों और रितुब्रतो बनर्जी समूह से जुड़े घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए सौगत रॉय ने तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनकी नजर में यह 'गद्दारों का सम्मेलन' है। जिन लोगों को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में सबसे अधिक राजनीतिक अवसर और सुविधाएं मिलीं, वही अब अलग समूहों के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। रितुब्रतो बनर्जी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वे पहले वामपंथी राजनीति से जुड़े रहे हैं और उनके बयानों को वह अधिक महत्व नहीं देते।




