मुंबई। मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच बड़ी संख्या में पेड़ों के गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। शहर में 1 जून से अब तक हजारों पेड़ गिर चुके हैं। इन हादसों में पांच से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल भी हुए हैं। इस बीच महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार नुकसान की भरपाई पूरी तरह से करने की कोशिश कर रही है।

मुंबई में पेड़ों के गिरने और सरकार की तैयारियों को लेकर जानकारी देते हुए पंकजा मुंडे ने कहा कि कुछ जगहों पर रेड अलर्ट और कुछ स्थानों पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। इन मौसम संबंधी चेतावनियों के दौरान तेज तूफानी हवाएं चलीं, जिसके कारण कई पेड़ गिर गए। हालांकि, उन्होंने कहा कि हर मामले की जांच की जाएगी कि पेड़ वास्तव में तेज हवाओं के कारण गिरे या फिर उनकी जड़ें कमजोर होने, पेड़ों के पुराने होने या अन्य कारणों से यह स्थिति बनी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी इस मुद्दे पर विधानसभा में विस्तार से अपनी बात रखी है। अब पेड़ों के गिरने की घटनाओं का आकलन किया जाएगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाना है। मुख्यमंत्री ने 300 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प रखा है और पर्यावरण विभाग इसमें अहम भूमिका निभाएगा।

पेड़ों के गिरने से हुए नुकसान की भरपाई को लेकर पूछे गए सवाल पर पंकजा मुंडे ने कहा कि सरकार पहले से ही मुआवजा देने का काम कर रही है और इसे पूरी तरह पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुराने पेड़ों की उम्र और उनकी मजबूती का ध्यान रखना जरूरी होता है। पेड़ों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उनकी देखभाल और संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है।