मुरैना, देवेन्द्र राजपूत। दीपावली पर्व से पहले मुरैना जिले में अवैध पटाखों के निर्माण और अवैध भंडारण के खिलाफ पुलिस व प्रशासन की संयुक्त टीम ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के उद्देश्य से चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के तहत जौरा और कैलारस थाना क्षेत्रों में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दोनों स्थानों पर की गई छापेमारी के दौरान कुल 2 लाख 45 हजार रुपये मूल्य के अवैध पटाखे और निर्माण सामग्री बरामद कर जब्त की गई है। त्योहार के मद्देनजर पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
जौरा और कैलारस में दबिश: 2.45 लाख रुपये की सामग्री जब्त
पुलिस द्वारा की गई इस संयुक्त कार्रवाई में दोनों थाना क्षेत्रों से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और निर्मित पटाखे पकड़े गए हैं। जौरा थाना क्षेत्र में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने 2 लाख 10 हजार रुपये की कीमत का अवैध पटाखा स्टॉक जब्त किया। वहीं कैलारस थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान 35 हजार रुपये मूल्य की सामग्री बरामद की गई। पुलिस ने दोनों मामलों में संबंधित आरोपियों के विरुद्ध विस्फोटक अधिनियम सहित सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें विवेचना में लिया है।
इन बस्तियों और कॉलोनियों में संयुक्त टीम ने की सघन जांच
दीपावली पर्व पर किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान या अप्रिय हादसे की रोकथाम के लिए प्रशासनिक और पुलिस बल की संयुक्त टीम ने शहरी और घनी आबादी वाले इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। जांच टीम ने विशेष रूप से टंच रोड, राठौर कॉलोनी, इस्लामपुरा और सिंगल बस्ती के संदिग्ध ठिकानों, गोदामों व मकानों में औचक निरीक्षण किया। टीम ने आवासीय बस्तियों के भीतर बिना अनुमति पटाखे बनाने और बारूद का भंडारण करने वालों की बारीकी से पड़ताल की।
अवैध भंडारण और निर्माण पर प्रशासन की सख्त चेतावनी
त्योहारी सीजन में सुरक्षा और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए पुलिस प्रशासन ने अवैध कारोबारियों को सख्त चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध लाइसेंस, निर्धारित सुरक्षा मानकों और रिहायशी क्षेत्रों में किसी भी सूरत में पटाखों का निर्माण अथवा भंडारण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा और विस्फोटक अधिनियम के तहत कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।













