श्योपुर, उत्तम सिंह। सामान्य वन मंडल की खाड़ी/श्यामपुर रेंज की मोरेका बीट में पिछले करीब चार वर्षों से बड़े पैमाने पर वन भूमि पर अतिक्रमण कर खेती किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक करीब 1500 हेक्टेयर वन भूमि कथित अतिक्रमण की चपेट में है। बुधवार को अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा।


बताया जा रहा है कि अतिक्रमणकारियों ने वन अमले का विरोध करते हुए कथित तौर पर हमला कर दिया। इस दौरान वन विभाग के वाहनों में तोड़फोड़ किए जाने और कर्मचारियों को मौके से खदेड़े जाने की बात सामने आई है। हालात बिगड़ने पर वन अमले को अपने वाहन तक मौके पर छोड़कर वापस लौटना पड़ा। घटना में कुछ वनकर्मियों के चोटिल होने की भी सूचना है।


मोरेका बीट में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का यह पहला प्रयास नहीं है। इससे पहले भी टास्क फोर्स द्वारा बड़े स्तर पर बेदखली अभियान चलाने का प्रयास किया गया था, लेकिन उस दौरान भी टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। वाहनों में तोड़फोड़ और लाठी चलने जैसी घटनाओं के बाद कार्रवाई अधूरी रह गई थी।


बार-बार कार्रवाई के बावजूद वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त नहीं करा पाने को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह भी है कि लंबे समय से जारी अतिक्रमण को हटाने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, रणनीति और प्रशासनिक समन्वय क्यों नहीं हो पा रहा है।


झोपड़ी में आग का वीडियो भी सामने आया


घटना से जुड़े सामने आए वीडियो में एक झोपड़ी में आग लगी हुई दिखाई दे रही है। हालांकि झोपड़ी में आग कैसे लगी और इसके पीछे क्या कारण रहा, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। आगजनी की घटना की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।


मोरेका बीट में कथित अतिक्रमण और कार्रवाई के दौरान लगातार सामने आ रहे विरोध ने वन विभाग और प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना होगा कि घटना के बाद प्रशासन और वन विभाग क्या ठोस रणनीति अपनाते हैं और करीब 1500 हेक्टेयर बताई जा रही वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए आगे क्या कार्रवाई की जाती है।