पेरिस, 20 अक्टूबर । फ्रांस के कई शहरों में जारी हिंसा और झड़प को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। प्रशासन ने कर्फ्यू लगाकर स्थिति को नियंत्रित किया। फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने शांति व्यवस्था के लिए अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों का आभार व्यक्त किया।प्रधानमंत्री सेबेस्टियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट पर लिखा, ''लक्षित क्षेत्रों में लगाए गए कर्फ्यू की वजह से पिछली रात हालात काफी हद तक शांत रहे। मैं उन पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा बल के जवानों का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने कर्फ्यू को प्रभावी ढंग से लागू कराया। साथ ही, मैं प्रशासनिक अधिकारियों का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने पूरी सक्रियता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।''
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, ''आज रात भी जिन इलाकों में जरूरत होगी, वहां नए कर्फ्यू लगाए जाएंगे। इन फैसलों को स्थानीय स्तर पर लिया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों, संबंधित मेयरों के साथ मिलकर जमीन पर हालात का आकलन करेंगे और उसी के आधार पर निर्णय लेंगे।''
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने सोमवार को कहा कि सप्ताह के अंत पर हुए प्रदर्शनों के दौरान लूटपाट की घटनाओं के बाद सोमवार की शाम से कुछ इलाकों में आंशिक कर्फ्यू के निर्देश दिए थे। साथ ही जरूरत पड़ने पर आपातकाल की स्थिति घोषित करने की बात भी कही।
फ्रांस में शनिवार को करीब 5,50,000 लोगों ने विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। फ्रांस के गृह मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, हिंसा से प्रभावित रहे इन प्रदर्शनों के दौरान कुल 2,397 लोगों को गिरफ्तार किया गया। कुल 997 पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए, जिनमें से सात गंभीर रूप से घायल हैं।
सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर से फ्रांस में छात्रों के कई बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं। छात्र बेहतर शिक्षा सुविधाओं और पढ़ाई की परिस्थितियों में सुधार की मांग कर रहे हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब फ्रांस में महंगाई, ईंधन की कीमतें, शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।
















