नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोमवार को बिमल एन. पटेल से मुलाकात की और उन्हें इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल ऑफ द लॉ ऑफ द सी (आईटीएलओएस) के जज के तौर पर हाल ही में चुने जाने पर बधाई दी।विदेश मंत्री जयशंकर ने मुलाकात की तस्वीर साझा कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज प्रो. डॉ. बिमल एन. पटेल से मिलकर खुशी हुई। इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल ऑफ द लॉ ऑफ द सी के जज के तौर पर हाल ही में चुने जाने पर उन्हें बधाई दी। उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।"

पटेल को यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी (यूएनसीएलओएस) के हस्ताक्षर करने वाले देशों ने चुना था और वह सितंबर में ट्रिब्यूनल में शामिल होंगे। उनके (पटेल) चुने जाने के साथ, सितंबर में जब नीरू चड्ढा अपना नौ साल का कार्यकाल पूरा करेंगी, इसके बाद भी ट्रिब्यूनल में भारत का प्रतिनिधित्व जारी रहेगा।

पटेल अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकार हैं और अभी यूएन के अंतरराष्ट्रीय कानून आयोग में काम करते हैं। इसके साथ ही वो गुजरात में राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं।

उनके पास जो अलग-अलग पद हैं, उनमें राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी बोर्ड की सदस्यता भी शामिल है। भारत के यूएन मिशन ने एक्स पर कहा कि पटेल का चुनाव बहुपक्षवाद और समुद्र के कानून के प्रति भारत के पक्के वादे को आगे बढ़ाता है।

पिछले साल से ही भारतीय डिप्लोमैट्स यूएन में उनके चुनाव के लिए कैंपेन कर रहे थे। इस साल ट्रिब्यूनल की जिन सात सीटों पर चुनाव होने थे, उनमें से दो एशियाई क्षेत्र के लिए थीं और उन्हें पटेल और वियतनाम के गुयेन लैन-अन्ह थी ने जीता। पटेल को 168 वैद्य मतों में से 115 मत मिले।

यह चुनाव समुद्री कानून कन्वेंशन के स्टेट्स पार्टीज की 36वीं मीटिंग के दौरान हुआ था। जर्मनी के हैम्बर्ग में मौजूद इस ट्रिब्यूनल में 21 जज हैं, जो समुद्र और महासागरों से जुड़े झगड़ों पर फैसला सुनाते हैं और समुद्र के कानून की व्याख्या करते हैं।

ईएएम जयशंकर ने पटेल के चुनाव के बाद यूएनसीएलओएस के सदस्यों को सपोर्ट के लिए धन्यवाद दिया था।