भोपाल, जीतेन्द्र यादव। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्रिक्स (BRICS) कृषि मंत्रियों की बैठक को लेकर कहा कि ब्रिक्स देशों के अंतर्गत दुनिया की लगभग आधी आबादी आती है और वैश्विक कृषि उत्पादन का 42 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इन्हीं देशों से होता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के 58 करोड़ किसानों में से करीब 68 प्रतिशत किसान ब्रिक्स देशों में हैं, इसलिए वैश्विक खाद्य सुरक्षा काफी हद तक इन देशों पर निर्भर करती है।
भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत इससे पहले वर्ष 2012, 2016 और 2021 में भी ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है। उन्होंने कहा कि इस बार की बैठक में महिलाओं और युवाओं पर विशेष फोकस रहेगा। बैठक का उद्देश्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, किसानों की आजीविका और रोजगार को मजबूत बनाना तथा टिकाऊ कृषि (सस्टेनेबल एग्रीकल्चर) को बढ़ावा देना है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस महत्वपूर्ण आयोजन का होना गर्व की बात है। भारत की अध्यक्षता में अब तक आठ महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष ब्रिक्स की केंद्रीय सोच लघु एवं सीमांत किसानों को केंद्र में रखकर बनाई गई है, ताकि प्रत्येक नीति, योजना और नवाचार का लाभ सीधे इन किसानों तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ लागत कम करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही युवाओं का खेती की ओर रुझान बढ़ाने के लिए नई तकनीकों और नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। ब्रिक्स देशों की चार प्रमुख प्राथमिकताओं में खाद्य सुरक्षा एवं पोषण सुनिश्चित करना, किसानों की आय बढ़ाना और जीवन स्तर में सुधार लाना, सदस्य देशों के बीच कृषि व्यापार को बढ़ावा देना तथा तकनीकी सहयोग और आदान-प्रदान को मजबूत करना शामिल है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) की चुनौती से पूरा विश्व जूझ रहा है और इसका प्रभाव ब्रिक्स देशों पर भी व्यापक रूप से पड़ रहा है। ऐसे में धरती, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने पर जोर दिया जाएगा। विभिन्न देशों में हो रहे कृषि अनुसंधानों, नवाचारों और नई कृषि पद्धतियों को साझा कर एक-दूसरे से सीखने की दिशा में भी काम होगा।
उन्होंने बताया कि बैठक में पशुपालन, मत्स्य पालन, खाद्य भंडारण और कृषि मूल्य संवर्धन जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। साथ ही ‘ब्रिक्स वाटिका’ के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिसके तहत वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा।

