जकार्ता। इंडोनेशिया के पूर्वी जावा प्रांत में मदुरा द्वीप के उत्तर में जावा सागर में 'मुतियारा सैंटोसा-2' नामक जहाज में आग लग गई। राष्ट्रीय खोज और बचाव एजेंसी की जानकारी के अनुसार, इस हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई और 42 लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं, 225 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
एजेंसी के मुताबिक, यह जहाज सुराबाया से मकासार जाने वाले मार्ग पर चल रहा था और इसमें कुल 271 लोग सवार थे, जिनमें 232 यात्री और 39 चालक दल के सदस्य शामिल थे।
सुराबाया खोज एवं बचाव कार्यालय के अनुसार, जहाज रविवार सुबह पूर्वी जावा के सुराबाया से सुलावेसी द्वीप के मकासार के लिए रवाना हुआ था।
अधिकारियों ने बताया कि जब जहाज में आग लगी, तब वह तट से करीब 19 नॉटिकल मील (35.2 किलोमीटर) दूर था। आग ने लगभग पूरे जहाज को अपनी चपेट में ले लिया था। बचाव का इंतजार करते हुए यात्री जहाज के पुल और आगे के हिस्से पर इकट्ठा हो गए थे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, आसपास मौजूद कई जहाज बचाव अभियान में शामिल हुए। वहीं, संयुक्त खोज एवं बचाव दल ने अतिरिक्त जहाज और कर्मियों को भेजकर बचे हुए लोगों को निकालने और लापता लोगों की तलाश शुरू की।
फिलहाल खोज अभियान जारी है और आग लगने की वजह की जांच की जा रही है।
जून में भी इंडोनेशिया की खोज और बचाव एजेंसियों ने केएम नुरुल साल्सा यात्री नाव के डूबने के बाद लापता 14 लोगों की तलाश का अभियान रोक दिया था। यह नाव दक्षिण सुलावेसी प्रांत के तट के पास डूब गई थी।
राष्ट्रीय खोज और बचाव एजेंसी ने बताया कि दस दिनों तक चले खोज अभियान में कोई नया सुराग नहीं मिला। सभी निर्धारित खोज क्षेत्रों की अच्छी तरह जांच करने के बावजूद कुछ पता नहीं चल सका, इसलिए अभियान को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।
एजेंसी के अनुसार, नाव पर कुल 76 लोग सवार थे। इनमें से 58 लोगों को बचा लिया गया, चार लोगों के शव मिले, जबकि 14 लोग अब भी लापता हैं।
एजेंसी ने कहा कि अगर आगे कोई नई जानकारी मिलती है या किसी लापता व्यक्ति के मिलने की सूचना मिलती है, तो बचाव अभियान फिर से शुरू किया जाएगा।
यह नाव 15 जुलाई को दक्षिण सुलावेसी के समुद्री क्षेत्र में इंजन खराब हो जाने के बाद डूब गई थी। उस समय यह जाम्पेआ द्वीप से बेंटेंग की ओर जा रही थी।




