नई दिल्ली। इंग्लैंड के पूर्व स्टार स्ट्राइकर रॉबी फाउलर का मानना है कि फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन की जीत इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी को कितने प्रभावी ढंग से रोक पाते हैं। उनके अनुसार, मेसी जैसे खिलाड़ी के खिलाफ केवल मैन-मार्किंग पर्याप्त नहीं होती, बल्कि पूरी टीम को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें गेंद मिलने के लिए समय और जगह न मिले।

जी5 के फीफा विश्व कप 2026 के एक्सपर्ट पैनल का हिस्सा रहे फाउलर ने कहा कि इंग्लैंड ने सेमीफाइनल के शुरुआती चरण में मेसी को रोकने की अच्छी रणनीति अपनाई थी। इंग्लैंड ने अर्जेंटीना के आक्रामक खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और उनके बीच तालमेल बनने से रोका। इससे मेसी भी लंबे समय तक खेल पर अपनी छाप नहीं छोड़ सके।

फाउलर का कहना है कि किसी भी डिफेंडर या टीम का लक्ष्य सिर्फ गेंद छीनना नहीं होना चाहिए। असली चुनौती यह है कि मेसी तक गेंद पहुंचे ही नहीं। यदि उन्हें थोड़ी भी खुली जगह मिल जाती है, तो वह अपने अनुभव, तकनीक और खेल की समझ से मैच का रुख बदल सकते हैं। इसलिए डिफेंस और मिडफील्ड के खिलाड़ियों को लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि इंग्लैंड की रणनीति तब कमजोर पड़ने लगी जब मेसी गेंद लेने के लिए मिडफील्ड की ओर पीछे आने लगे। इससे उन्हें अधिक स्पेस मिला और वे खेल को नियंत्रित करने लगे। फाउलर के अनुसार, यही वह स्थिति है जिससे स्पेन को बचना होगा। यदि मेसी को बीच के क्षेत्रों में आजादी मिल गई, तो अर्जेंटीना के अन्य खिलाड़ी भी खतरनाक साबित हो सकते हैं।

पूर्व लिवरपूल स्ट्राइकर ने जोर देकर कहा कि मेसी को रोकने की जिम्मेदारी केवल डिफेंडरों की नहीं होगी। पूरी टीम को सामूहिक रूप से मेहनत करनी होगी, रनर्स को ट्रैक करना होगा, पासिंग लेन बंद करनी होगी और अर्जेंटीना के हमलों को शुरुआती चरण में ही रोकना होगा।

स्पेन की मौजूदा टीम की तारीफ करते हुए फाउलर ने कहा कि यह टीम पुराने दौर की पारंपरिक 'टिकी-टाका' शैली से आगे निकल चुकी है। उनके अनुसार, स्पेन अब सिर्फ गेंद अपने पास रखने के लिए पजेशन फुटबॉल नहीं खेलता, बल्कि हर पास और हर मूवमेंट का स्पष्ट उद्देश्य होता है। टीम सही समय पर तेज आक्रमण करने और विरोधी टीम की प्रेसिंग को तोड़ने में भी सक्षम है।

उन्होंने कहा कि रॉड्री और दानी ओल्मो जैसे खिलाड़ी स्पेन की सबसे बड़ी ताकत हैं। ये खिलाड़ी छोटे और सटीक पास के जरिए विरोधी टीम की प्रेसिंग को तोड़ सकते हैं और तेजी से आक्रमण की शुरुआत कर सकते हैं। फाउलर का मानना है कि मौजूदा स्पेनिश टीम में पजेशन के साथ-साथ डायरेक्ट अटैक करने की क्षमता भी है, जो उसे पहले की स्पेनिश टीमों से अलग बनाती है।

फाउलर के मुताबिक, यदि स्पेन मेसी को खुलकर खेलने से रोकने में सफल रहता है और अपने संतुलित तथा उद्देश्यपूर्ण खेल को जारी रखता है, तो उसके पास विश्व कप जीतने का बेहतरीन मौका होगा। वहीं, यदि अर्जेंटीना के कप्तान को थोड़ी भी आजादी मिली, तो वह अकेले दम पर मुकाबले का परिणाम बदलने की क्षमता रखते हैं।