श्योपुर, उत्तम सिंह। किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला के नेतृत्व में शुक्रवार को सैकड़ों किसानों ने खाद संकट, ऑनलाइन फार्मर आईडी एवं ई-टोकन व्यवस्था की जटिलताओं, कालाबाजारी और अन्य किसान समस्याओं को लेकर श्योपुर कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के बाद किसानों ने डिप्टी कलेक्टर संजय कुमार जैन को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान ई-टोकन व्यवस्था ग्रामीण किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रही है, जिससे समय पर खाद प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। किसानों ने मांग की कि प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर फार्मर आईडी एवं ई-टोकन बनाने की व्यवस्था की जाए तथा जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है या ई-टोकन नहीं बन पा रहा है, उन्हें आधार कार्ड के आधार पर खाद उपलब्ध कराया जाए।
किसानों की मांगों पर डिप्टी कलेक्टर संजय कुमार जैन ने आगामी सोमवार से पंचायत स्तर पर फार्मर आईडी एवं ई-टोकन बनाने की व्यवस्था शुरू करने का आश्वासन दिया। किसानों ने खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और निजी दुकानदारों की अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई करने तथा उर्वरकों की बढ़ी हुई कीमतें वापस लेने की मांग भी की।
किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला ने कहा कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है और किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस दौरान किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले किसानों के भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा भी उठाया। किसानों का कहना था कि खरीदी के लगभग एक माह बाद भी कई किसानों के खातों में भुगतान राशि नहीं पहुंची है। इस संबंध में डिप्टी कलेक्टर एवं गेहूं खरीदी प्रभारी विजय शाक्य को शिकायत सौंपकर शीघ्र भुगतान की मांग की गई। विजय शाक्य ने किसानों को समस्या के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने 167 करोड़ रुपये की चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना में कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर अलग से ज्ञापन भी सौंपा। किसानों ने परियोजना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, 10 जून 2026 से टेस्टिंग के लिए पानी छोड़ने तथा दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
आंदोलन में वरिष्ठ किसान नेता रामलखन मीणा, बिहारी सिंह सोलंकी, हरिमोहन बौद्ध, जसवंत मीणा, ओपी मीणा धानोद, धर्मराज मीणा, रामभरत मीणा, सुरेश मीणा सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

