कटनी। कटनी के बहुचर्चित पूर्व नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) ज़मीन सौदा और भ्रष्टाचार मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज हुए 13 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। निलंबित पूर्व CSP नेहा पच्चीसिया, उनके सहयोगी क्षितिज राज और मारूफ अहमद हनफी सहित तीनों आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ़्त से बाहर हैं और भूमिगत हैं। हालाँकि, सोमवार को मामले से जुड़े कुछ प्रमुख गवाहों के बयान न्यायालय (कोर्ट) में दर्ज कराए गए हैं, जिससे जांच में अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मामले का मुख्य घटनाक्रम और आरोप
निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया और अन्य सह-आरोपियों पर एक संगीन आपराधिक मामले में हत्या के आरोपियों को 'डिफ़ॉल्ट बेल' (Default Bail) का लाभ पहुँचाने के बदले, एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत की ज़मीन को अपने करीबी के नाम बेहद कम दाम में हस्तांतरित (रजिस्ट्री) कराने का आरोप है। मामला उजागर होने और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कड़े रुख के बाद नेहा पच्चीसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद से ही वे फरार हैं। जबलपुर एएसपी अंजना तिवारी की अगुवाई में गठित एसआईटी (SIT) और पुलिस की कई टीमें आरोपियों की लगातार घेराबंदी कर रही हैं। आरोपियों पर पुलिस ने इनाम भी घोषित किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लगातार दबिश के कारण आरोपियों को बार-बार अपने ठिकाने बदलने पड़ रहे हैं और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
CSP कार्यालय में फिर लगा ताला, नए प्रभार पर नज़र
21 अगस्त को सील किए गए कटनी सीएसपी कार्यालय की सील दो दिन पहले एसआईटी की मौजूदगी में खोली गई थी। टीम ने संबंधित रिकॉर्ड्स और फाइलों की गहन पड़ताल की। जरूरी कागजात और साक्ष्य जुटाने के बाद एसआईटी ने कार्यालय में दोबारा ताला लगा दिया है। पुलिस अधिकारियों ने ज़ब्त दस्तावेज़ों और गवाहों द्वारा कोर्ट में दिए गए बयानों का विवरण फिलहाल गुप्त रखा है। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि ज़ब्ती व दस्तावेज़ों का भौतिक सत्यापन पूरा होने के बाद अब कटनी CSP कार्यालय का प्रभार किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी को सौंपा जा सकता है, ताकि नियमित पुलिसिंग और आम जनता के कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें।




