निवाड़ी/ओरछा। निवाड़ी जिले के पावन धाम ओरछा में आयोजित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के समापन दिवस पर एक सियासी तस्वीर चर्चा के केंद्र में आ गई है। दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के बाद उठ रही विभिन्न तरह की राजनीतिक अटकलों के बीच पूर्व गृह मंत्री व वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिव प्रकाश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते दिखे। नरोत्तम मिश्रा ने स्वयं मुख्यमंत्री और संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ ओरछा के ऐतिहासिक जहांगीर महल भ्रमण की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की हैं।
ऐतिहासिक जहांगीर महल का दौरा
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जहांगीर महल का भ्रमण कर वहां जारी पुरातात्विक संरक्षण एवं जीर्णोद्धार कार्यों की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान नरोत्तम मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिव प्रकाश मुख्यमंत्री के साथ लगातार मौजूद रहे और आपस में सहज संवाद करते दिखाई दिए।
विरासत संरक्षण पर नरोत्तम मिश्रा का बयान
ओरछा और राम राजा सरकार की नगरी में हुए विकास कार्यों की सराहना करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा: "हमारी ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति, साहित्य और लोक परंपराओं को सहेजकर आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हमारी प्राथमिकता रही है। यदि कोई व्यक्ति कुछ समय पहले के ओरछा और आज के ओरछा की तुलना करेगा, तो उसे स्पष्ट और बड़ा बदलाव दिखाई देगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और शिव प्रकाश जी ने इस सकारात्मक परिवर्तन को सभी के सामने रखा है।"
तस्वीरों के क्या हैं सियासी मायने?
दतिया उपचुनाव में भाजपा को मिली हार के बाद राजनीतिक गलियारों में नरोत्तम मिश्रा को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे और स्थानीय स्तर पर गुटबाजी की खबरें तैर रही थीं। ओरछा में मुख्यमंत्री, प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय संगठन के शीर्ष अधिकारी के साथ एक ही फ्रेम में नरोत्तम मिश्रा की सहज मौजूदगी ने उन तमाम अटकलों को खारिज कर दिया है जिनमें उन्हें साइडलाइन किए जाने का दावा किया जा रहा था। 2028-29 के चुनावी लक्ष्यों और 'सेवा संकल्प अभियान' के लिए पार्टी द्वारा तैयार की जा रही रणनीति में नरोत्तम मिश्रा को संगठन स्तर पर महत्वपूर्ण स्थान पर बनाए रखने का यह बड़ा संकेत माना जा रहा है।




