सागर/ रहली, आशु दुबे । रहली थाना क्षेत्र के ग्राम धनगुवा में 50 वर्षीय रामदीन सेन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। घटना के दूसरे दिन मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही और आरोपियों का पक्ष लेने के आरोप लगाए। उनका कहना है कि गांव से रहली अस्पताल की दूरी महज पांच मिनट है, इसके बावजूद घायल रामदीन को अस्पताल पहुंचाने में करीब दो घंटे का समय लग गया। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर इलाज मिल जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
मृतक की बुजुर्ग मां महारानी सेन ने आरोप लगाया कि घटना के समय रामदीन घर में अकेले थे। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ लोगों ने घर में घुसकर उनके साथ कथित रूप से मारपीट की और गंभीर हालत में गांव के बाहर सुनसान स्थान पर छोड़कर फरार हो गए। ग्रामीणों ने शाम करीब 4:30 बजे डायल-112 को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार रामदीन को शाम करीब 6:30 बजे मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। इसी समय अंतर को लेकर परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद समाचार लिखे जाने तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। उनका कहना है कि पुलिस कथित आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। घटना के बाद मृतक की मां, पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी व्यक्तियों और यदि लापरवाही सिद्ध हो तो संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदौरिया ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।




