मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम को लेकर मौलाना जर्जिस अंसारी की कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में शनिवार को मंदसौर में शिवसेना (यूबीटी) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गांधी चौराहे पर प्रदर्शन कर उनका पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कथित बयान की निंदा की और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के साथ-साथ मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
शिवसेना यूबीटी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में मौलाना जर्जिस अंसारी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक दावे किए गए हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों, संतों और धार्मिक विद्वानों की ओर से विरोध दर्ज कराया जा रहा है। इसी क्रम में मंदसौर में भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता गांधी चौराहे पर एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि धार्मिक ग्रंथों की मूल भावना और श्लोकों के अर्थ को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया है, जिससे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उनका दावा है कि श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय के दसवें श्लोक की ऐसी व्याख्या की गई, जो मूल संस्कृत पाठ और पारंपरिक अर्थ से मेल नहीं खाती। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के आराध्य या धार्मिक ग्रंथों के संबंध में भ्रामक अथवा आपत्तिजनक टिप्पणी सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है।
शिवसेना नेताओं ने कहा कि भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े देवी-देवताओं के संबंध में किसी भी प्रकार की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने मांग की कि मौलाना जर्जिस अंसारी अपने कथित बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
गांधी चौराहे पर हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मौलाना जर्जिस अंसारी का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाने वाले कथित बयानों के खिलाफ भविष्य में भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि, मौलाना जर्जिस अंसारी की ओर से इस मामले में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।




