छतरपुर। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ सार्वजनिक मंच से की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में इस संबंध में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। नगर के वरिष्ठ पत्रकार हरि प्रकाश अग्रवाल ने सिटी कोतवाली थाना प्रभारी को एक आवेदन सौंपकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि एक जिम्मेदार और उच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह की भाषा का प्रयोग करना देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और मर्यादा के खिलाफ है। शिकायतकर्ता ने पुलिस प्रशासन से इस गंभीर मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
शिकायतकर्ता हरि प्रकाश अग्रवाल ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बीते 20 मई 2026 को रायबरेली में आयोजित एक जनसभा को संबोधित किया था। इस सभा के दौरान उन्होंने मंच से हजारों की संख्या में उपस्थित नागरिकों के समक्ष देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह को सार्वजनिक रूप से गद्दार कहकर संबोधित किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने यह पूरा घटनाक्रम अपने निवास पर टेलीविजन के माध्यम से सीधे प्रसारण में देखा और सुना है। आवेदन में कहा गया है कि सार्वजनिक स्थल पर देश के शीर्ष नेतृत्व के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना बेहद आपत्तिजनक, निंदनीय और देश के 140 करोड़ नागरिकों का अपमान है। इस बयान के कारण देश के कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और आंदोलन भी शुरू हो गए हैं, जिससे सामाजिक शांति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
आवेदन पत्र में कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए बताया गया है कि राहुल गांधी का यह सार्वजनिक बयान राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला एक गंभीर लांछन है। यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 197 (1) के तहत एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि इस तरह के भड़काऊ बयानों से देश में दंगा या बलवा भड़क सकता है और जनहानि की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पत्रकार ने बताया कि वह पिछले 37 वर्षों से पत्रकारिता के माध्यम से समाज की सेवा कर रहे हैं और कई प्रतिष्ठित सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं। इस अपमानजनक बयान से एक जागरूक नागरिक के नाते उनकी धार्मिक और व्यक्तिगत भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। पुलिस ने शिकायत पत्र और बयान से जुड़ी सीडी (साक्ष्य) को संलग्न कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

