छतरपुर। छतरपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर हो रही बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने पूरी तरह से कमर कस ली है। कार्यपालन अभियंता छतरपुर संभाग के कुशल निर्देशन पर गठित विशेष विजिलेंस टीम द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए एक सघन चेकिंग अभियान के दौरान दर्जनों घरों, कटियाबाजों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सरेआम बिजली चोरी पकड़ी गई है। विद्युत विभाग की इस ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद विभाग द्वारा विद्युत अधिनियम की धारा 135, 126 एवं 138 के अन्तर्गत मौके पर ही कुल 140 अवैध उपभोक्ताओं के खिलाफ पंचनामा तैयार कर सख्त विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
स्मार्ट मीटर बाईपास कर डायरेक्ट डाली जा रही थी डोरी, इन गांवों में दी दबिश
मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग की संयुक्त टीम द्वारा विगत 3 दिनों के भीतर छतरपुर शहरी क्षेत्रों सहित नौगांव, हरपालपुर और ग्रामीण क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले ग्राम कदवां, पडारिया, निवारी, राधेपुर, नारायणपुरा, माधवपुर, देवपुर, टीकर एवं कटरा में अचानक दबिश दी गई। इस छापामार कार्रवाई के दौरान पाया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई उपभोक्ताओं ने सरकार द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटर का उपयोग न करते हुए सीधे मुख्य लाइन से डायरेक्ट या अलग से अवैध डोरी डालकर बिजली का अनाधिकृत उपयोग किया था। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन चिन्हित गांवों में केवल ग्रामीण क्षेत्र के 80 उपभोक्ताओं के मौके पर पंचनामे तैयार किए हैं।
एसी, कूलर और इंडक्शन का हो रहा था अवैध उपयोग, कोर्ट में पेश होंगे मामले
इस सघन तीन दिवसीय कार्रवाई के दौरान कुल 140 उपभोक्ता बिजली का अवैध और अनधिकृत रूप से उपभोग करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए हैं। जांच में सामने आया कि कुछ रसूखदार स्थानों पर तो बकायदा सरकारी मीटर से छेड़छाड़ (मीटर बाईपास) कर सीधे एसी (एयर कंडीशनर), बड़े कूलर, हैवी हीटर और इंडक्शन जैसे अत्यधिक विद्युत भार वाले उपकरणों को बिना किसी बिलिंग के चलाया जा रहा था। विद्युत विभाग ने इन सभी गंभीर मामलों को संज्ञान में लेते हुए विद्युत अधिनियम की धाराओं के तहत पंचनामा तैयार कर लिया है और संबंधितों को कानूनी नोटिस थमाकर मामलों को सीधे विशेष विद्युत अदालत में लगाने की पूरी तैयारी कर ली है।
अधिकारियों का सख्त रुख: 'चोरी के कारण जल रहे ट्रांसफार्मर, सूचना देने वाले का नाम रहेगा गुप्त'
बिजली विभाग छतरपुर संभाग के कार्यपालन अभियंता अमर श्रीवास्तव ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बताया कि अवैध बिजली चोरी के कारण मुख्य विद्युत लाइन, ट्रांसफार्मर और सर्विस केबिल अत्यधिक ओवरलोड हो रही हैं और लगातार जल रही हैं। इसके कारण ईमानदारी से बिल भरने वाले वैध उपभोक्ताओं को बेवजह लो-वोल्टेज की समस्या, केबिल जलने और ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण अघोषित बिजली कटौती जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिससे विभाग को भी भारी राजस्व की हानि उठानी पड़ रही है।
उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि बिजली चोरी एक गंभीर और संज्ञेय दंडनीय अपराध है। जिन 140 लोगों के पंचनामे तैयार किए गए हैं, उन्हें निर्धारित समयावधि के भीतर विभाग में शमन शुल्क और क्षतिपूर्ति राशि अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत माननीय अदालत में क्रिमिनल केस दर्ज कराया जाएगा, जिससे उन्हें भारी जुर्माना अथवा जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में दिन-रात यह चेकिंग अभियान अनवरत जारी रहेगा और वैध कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करने वालों को परेशान नहीं किया जाएगा। साथ ही, बिजली चोरी की गुप्त सूचना देने वाले सजग नागरिकों का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।




