छतरपुर, संजय अवस्थी। जिले की छन्ना सागर मत्स्य उद्योग एवं सिंघाड़ी उद्योग सहकारी समिति, भेलनपुरवा के सदस्यों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तालाब के पट्टे के आवंटन पर रोक लगाने की मांग की है। समिति का दावा है कि वर्तमान में मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए किसी भी अन्य पक्ष को पट्टा नहीं दिया जाना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि उक्त समिति का पंजीकरण 10 सितंबर 1984 को हुआ था। समिति के सदस्यों का आरोप है कि 31 मार्च 2020 को गलत तरीके से समिति को परिसमापन में लाया गया। समिति के सदस्यों ने राजेश रैकवार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने समिति के चुनाव कराने के नाम पर मछुआरों से जबरन त्याग पत्र ले लिए थे, ताकि समिति को भंग किया जा सके। समिति के सदस्यों का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम के विरोध में उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है। ज्ञापन में काशीराम रैकवार एवं समिति के अन्य सदस्यों ने कलेक्टर से विनम्र निवेदन किया है कि जब तक उच्च न्यायालय में इस मामले का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक किसी भी अन्य व्यक्ति या संस्था को उस तालाब का पट्टा आवंटित न किया जाए।

