खरगोन। इंदौर से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए 50 वर्षीय निशांत जोशी का शव आखिरकार खरगोन जिले के मंडलेश्वर स्थित नर्मदा नदी से बरामद हो गया। निशांत जोशी एक प्रतिष्ठित पेट्रोकेमिकल कंपनी में एरिया सेल्स मैनेजर थे, जबकि उनकी पत्नी मध्य प्रदेश के मंदसौर में नारकोटिक्स विभाग में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पद पर पदस्थ हैं। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात निशांत जोशी की कंपनी की कार मंडलेश्वर स्थित नर्मदा पुल पर लावारिस हालत में मिली थी। कार की तलाशी के दौरान पुलिस को शराब की एक बोतल, कुछ निजी सामान तथा उनके चचेरे भाई डॉ. विवेक जोशी के नाम लिखा एक हस्तलिखित पत्र मिला। पत्र में उन्होंने अपनी बेटी की जिम्मेदारी परिवार को सौंपते हुए उसका हर संभव ख्याल रखने की भावुक अपील की थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि निशांत जोशी पिछले कुछ समय से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और उनका उपचार एक मनोचिकित्सक के पास चल रहा था। परिजनों के अनुसार, वह पहले भी कई बार बिना बताए घर से चले गए थे, लेकिन हर बार वापस लौट आए थे। इस बार उनके लापता होने के बाद व्यापक स्तर पर तलाश अभियान चलाया गया।
एसडीआरएफ की टीम ने लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया और बुधवार दोपहर नर्मदा नदी से उनका शव बरामद किया। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
यह घटना मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से तनाव, अवसाद या मानसिक परेशानियों से गुजर रहा हो, तो समय पर चिकित्सकीय सहायता और परिवार का भावनात्मक सहयोग उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।




