उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में दीपावली पर्व से ठीक पहले शहर की प्रमुख सड़कों पर स्ट्रीट लाइटें बंद होने से दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है। कोयला फाटक चौराहे पर लगा हाई मास्ट पोल बंद पड़ा है, वहीं इंदौर गेट से रेलवे स्टेशन और जीरो पॉइंट ब्रिज से ढांचा भवन की ओर जाने वाले मार्गों पर रात के समय गहरा अंधेरा छा जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पर्याप्त रोशनी न होने के कारण पिछले एक सप्ताह में इंदौर गेट से रेलवे स्टेशन मार्ग पर करीब 5 तथा ढांचा भवन क्षेत्र में करीब 3 बाइक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। गनीमत यह रही कि इन हादसों में किसी को गंभीर चोट नहीं आई।


3 प्रमुख इलाकों में स्ट्रीट लाइटों की हालत खस्ता

  • कोयला फाटक चौराहा: चौराहे पर लगी हाई मास्ट लाइट काफी समय से बंद पड़ी है, जिससे पूरे चौराहे पर अंधेरा रहता है।
  • इंदौर गेट से रेलवे स्टेशन मार्ग: मुख्य मार्ग होने के बावजूद पिछले एक सप्ताह से कई स्ट्रीट लाइटें बंद हैं।
  • जीरो पॉइंट ब्रिज से ढांचा भवन मार्ग: इस पूरे मार्ग पर रात के समय रोशनी का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है।


सिंहस्थ-2028 के निर्माण कार्यों के चलते बढ़ गई है आवाजाही

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और सड़क चौड़ीकरण के तहत शहरभर में फ्लायओवर, ब्रिज और सड़कों के निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। निर्माण कार्यों और डायवर्जन के कारण ढांचा भवन और इंदौर गेट वाले रास्तों पर दिन-रात वाहनों का भारी दबाव रहता है।


स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के अनुसार, रात के समय सामने से आने वाले वाहनों की हेडलाइट की रोशनी तो दिख जाती है, लेकिन सड़क किनारे छाया अंधेरा होने के कारण साइड से आने वाले वाहन या गड्ढे नजर नहीं आते, जिससे हर समय हादसे का अंदेशा बना रहता है।


नगर निगम और महापौर का पक्ष

इस मामले में उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल ने कहा कि नगर निगम द्वारा स्ट्रीट लाइटों के रख-रखाव का काम नियमित रूप से कराया जाता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जहां कहीं भी लाइट बंद होने की शिकायत मिलेगी, वहां तुरंत टीम भेजकर लाइटों को दुरुस्त और चालू कराया जाएगा ताकि आम जनता को त्योहार के समय परेशानी न हो।