छतरपुर, संदीप यादव। अंजुमन इस्लामिया कमेटी छतरपुर के सदर पद के लिए 4 अगस्त 2026 को रजा हाल, पुलिस लाइन रोड पर कराए गए चुनाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने मंगलवार, 1 सितंबर को कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई अधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर चुनाव को निरस्त करने तथा स्वयंभू चुनाव अधिकारी डॉ. रफीक शाह उर्फ रफीक अली के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की है।


ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अंजुमन इस्लामिया कमेटी कोई पंजीकृत संस्था नहीं है और पूर्व में ही भंग हो चुकी है। इसके बावजूद डॉ. रफीक शाह ने खुद को चुनाव अधिकारी घोषित कर चुनाव प्रक्रिया संचालित की। आरोप है कि SDM कार्यालय को गलत जानकारी देकर आदेश क्रमांक 467/अ.वि.अ./2026, दिनांक 3 अगस्त 2026 प्राप्त किया गया और पुलिस सुरक्षा के बीच चुनाव कराया गया।


75 हजार रुपए वसूलने का आरोप


ज्ञापन में समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि चुनाव में नामांकन फॉर्म के लिए 1 हजार रुपए लिए गए, जबकि तीन प्रत्याशियों से 25-25 हजार रुपए चुनाव फीस के नाम पर वसूले गए। इस तरह कुल 75 हजार रुपए की राशि वसूलने का आरोप लगाया गया है। ज्ञापनकर्ताओं का कहना है कि महज चार दिन में करीब 25 हजार मतदाताओं वाली चुनाव प्रक्रिया पूरी कराना भी कई सवाल खड़े करता है।


महिलाओं को मतदान से दूर रखने का आरोप


समाज के लोगों ने चुनाव प्रक्रिया में महिलाओं को मतदान का अधिकार नहीं दिए जाने पर भी आपत्ति जताई है। ज्ञापन में दावा किया गया कि छतरपुर में करीब 25 हजार मुस्लिम मतदाता हैं, जिनमें लगभग 11 हजार महिलाएं हैं। आरोप है कि पूर्व में हुए चुनावों में महिलाओं को मतदान का अधिकार मिलता रहा है, लेकिन इस बार उन्हें मतदान से वंचित कर दिया गया। इसे लेकर ज्ञापनकर्ताओं ने संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।


मतदान में गड़बड़ी की आशंका


ज्ञापन में चुनाव के दौरान फर्जी मतदान की आशंका भी जताई गई है। आरोप है कि मतदान के दौरान इस्तेमाल की गई स्याही में पानी मिला हुआ था और स्याही हाथ से तुरंत छूट रही थी। समाज के लोगों के मुताबिक चुनाव में लगभग 2500 वोट पड़े, जबकि मतदाताओं की संख्या काफी अधिक बताई गई है। इसी आधार पर मतदान प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की गई है।


शपथ पत्र को लेकर भी जताई आपत्ति


चुनाव में प्रत्याशियों से कथित तौर पर "मैं किसी देश विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं हूं" जैसे शपथ पत्र लिए जाने पर भी समाज के लोगों ने सवाल उठाए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि धार्मिक-सामाजिक संस्था के चुनाव में इस प्रकार का शपथ पत्र लेना अनुचित है और इससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।


नए सिरे से चुनाव कराने की मांग


ज्ञापन सौंपने वाले लोगों ने 4 अगस्त को हुए चुनाव को निरस्त करने, डॉ. रफीक शाह के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कर FIR दर्ज करने तथा महिलाओं समेत सभी पात्र मतदाताओं को शामिल करते हुए निष्पक्ष तरीके से नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है। ज्ञापन में BNS की धाराओं 318, 217 और 353 सहित संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 25 और 326 के संदर्भ में भी कार्रवाई की मांग की गई है।