भोपाल, जीतेन्द्र यादव। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सरकार द्वारा लाए जा रहे समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक को लेकर सूबे की सियासत बेहद गर्म हो गई है। यूसीसी के प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब सदन के भीतर और बाहर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। सोमवार को भोपाल उत्तर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील यूसीसी का विरोध जताने के लिए एक अनोखे और सख्त अंदाज में नजर आए।

वे पूरी तरह से काले कपड़े पहनकर विधानसभा परिसर पहुंचे, जिसे देखकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। विधायक आतिफ अकील ने मीडिया और सरकार के सामने अपनी मांगें रखते हुए यूसीसी के कानूनी दायरे और सरकार की मंशा पर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए।


'अनुसूचित जनजाति की तरह मुस्लिम समुदाय को भी मिले छूट'

विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने यूसीसी के प्रारूप पर तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सरकार इस कानून को लागू करने में दोहरे मापदंड अपना रही है। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि जिस तरह राज्य सरकार ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय की सामाजिक व सांस्कृतिक परंपराओं की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें यूसीसी के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा है, ठीक उसी तर्ज और आधार पर देश के मुस्लिम समुदाय को भी इस कानून के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए।


धार्मिक और व्यक्तिगत कानूनों से छेड़छाड़ का लगाया आरोप

कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार बिना सभी वर्गों का विश्वास जीते इस कानून को जबरन थोपने का प्रयास कर रही है। आतिफ अकील ने कहा कि विभिन्न समुदायों के अपने पर्सनल लॉ और धार्मिक परंपराएं हैं, जिनका संरक्षण मिलना उनका संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह इस विधेयक में संशोधन करे या फिर अल्पसंख्यक समुदाय की धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का सम्मान करते हुए उन्हें इसमें छूट प्रदान करे। आतिफ अकील के इस काले कपड़े पहनकर किए गए विरोध प्रदर्शन और बयान के बाद सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार बढ़ गए हैं।