भोपाल। भोपाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री शोभा ओझा ने प्रदेश और देश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों तथा छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए।


152 पेपर लीक, 7 लाख से ज्यादा छात्र प्रभावित

शोभा ओझा ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए:


कार्रवाई का दावा खोखला: उन्होंने कहा कि अब तक कुल 152 पेपर लीक हो चुके हैं। हर बार सरकार जांच और सख्त कार्रवाई के लंबे-चौड़े दावे करती है, लेकिन हकीकत में किसी भी दोषी को कड़ी सजा नहीं हुई।


लाखों छात्रों का भविष्य अधर में: पेपर लीक के कारण 7 लाख से अधिक छात्र और युवा प्रभावित हुए हैं। ऐसे में अपना भविष्य अंधकार में देख छात्रों का आक्रोशित होना पूरी तरह लाज़मी है।


पुलिस कार्रवाई की तुलना 'जलियावाला बाग' और 'जनरल डायर' से की

छात्रों के प्रदर्शन पर हुए लाठीचार्ज का विरोध करते हुए कांग्रेस नेत्री ने अत्यंत कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया:


'20 तारीख की घटना जलियावाला बाग जैसी': उन्होंने आरोप लगाया कि जब छात्रों ने अपने हक के लिए आवाज उठाई, तो सरकार ने पुलिस के जरिए उन पर बर्बरतापूर्वक लाठियां चलवाईं। 20 तारीख को हुई यह घटना जलियावाला बाग कांड की याद दिलाती है, जहां जनरल डायर की तरह छात्रों पर जुल्म ढहाया गया।


बीजेपी और RSS पर गंभीर आरोप: शोभा ओझा ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी छात्रों को पीटने के लिए पुलिस के वेश में बीजेपी और आरएसएस (RSS) के लोग शामिल थे।


कील लगी लाठियों से हमला: उन्होंने आरोप लगाया कि इस्तेमाल की गई लाठियों में लोहे की कीलें लगी हुई थीं और छात्रों के सिर को निशाना बनाकर वार किया गया।


पहचान छिपाने के लिए नेम प्लेट गायब: उन्होंने कहा कि छात्रों को मारने वाले हमलावरों की पहचान न हो सके, इसीलिए उन्होंने अपनी वर्दी से नेम प्लेट हटा रखी थी।


बर्बरता का आरोप: शोभा ओझा ने पुलिस की इस कार्रवाई की तुलना निर्भया कांड के दोषियों जैसी क्रूरता और बर्बरता से की।