लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगे' की रूपरेखा तैयार करने वाले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पिंगली वेंकैया की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से उनके अभूतपूर्व योगदान को याद किया और उन्हें राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताया।


'तिरंगा' प्रत्येक भारतीय के हृदय में जगाता है राष्ट्रनिष्ठा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिंगली वेंकैया के राष्ट्र के प्रति योगदान की सराहना करते हुए कहा: भारत की आन, बान और शान 'तिरंगे' को स्वरूप देने वाले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पिंगली वेंकैया की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। आपकी दूरदृष्टि और राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक हमारा तिरंगा प्रत्येक भारतीय के हृदय में 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की भावना का संचार करता रहेगा।


पिंगली वेंकैया: राष्ट्रीय ध्वज के शिल्पकार

पिंगली वेंकैया भारतीय स्वाधीनता संग्राम के उन अमर नायकों में से हैं, जिनका योगदान भारत के राष्ट्रीय प्रतीक से सीधा जुड़ा हुआ है: उन्होंने देश को एक ऐसा ध्वज दिया जो भारत की विविधता, एकता, शांति और प्रगति का प्रतीक बना। वर्ष 1921 में महात्मा गांधी के सुझावों के आधार पर उन्होंने इस ध्वज को अंतिम रूप दिया था। पिंगली वेंकैया केवल एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ही नहीं थे, बल्कि वे एक जाने-माने शिक्षाविद, भूविज्ञानी (Geologist) और कृषि विशेषज्ञ भी थे। वे महात्मा गांधी के विचारों से गहरे प्रभावित थे और उन्होंने देश को एकसूत्र में बांधने के लिए 'तिरंगे' की संकल्पना प्रस्तुत की थी, जिसे बाद में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अंगीकार किया गया।