टीकमगढ़, मोहसिन अहमद। शहर के देहात थाना क्षेत्र में रेलवे पुल के आगे स्थित टीकेजी वाटर पार्क के पास दिनदहाड़े हुई कथित मारपीट और पथराव की घटना ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के मड़ावरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम माडूमर से घूमने आए एक परिवार ने करीब 15 लोगों पर उनकी ईको कार पर पथराव, तोड़फोड़, मारपीट और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है।
पीड़ित परिवार के अनुसार वे महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ वाटर पार्क घूमने आए थे। आरोप है कि रेलवे पुल के आगे कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। हमलावरों के हाथों में डंडे और शराब की बोतलें थीं। पहले गाली-गलौज की गई और इसके बाद वाहन पर पत्थर बरसाए गए। विरोध करने पर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट भी की गई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि घटना के दौरान विशाल सोनी का करीब 20 हजार रुपये कीमत का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। हमले में ईको कार को भी नुकसान पहुंचा। पीड़ित का दावा है कि पूरी घटना का वीडियो उसके पास मौजूद है तथा दो आरोपियों की तस्वीरें भी उपलब्ध हैं। शिकायत में एक संदिग्ध मोटरसाइकिल नंबर और अन्य वाहनों का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी देने की बात भी कही गई है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना की शिकायत देहात थाना पुलिस को दिए जाने के बावजूद तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। परिवार लगातार कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है।
इस संबंध में देहात थाना प्रभारी उप निरीक्षक बीना विश्वकर्मा से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है और न ही कोई पीड़ित उनसे आकर मिला है। हालांकि उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि देहात थाना प्रभारी का हाल ही में पदस्थापन हुआ है, जिसके चलते उन्हें मामले की जानकारी नहीं होना संभव है। लेकिन यदि थाना स्टाफ द्वारा शिकायत की जानकारी प्रभारी तक नहीं पहुंचाई गई है तो यह भी गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानी जा सकती है।
घटना ने पुलिस कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर पुलिस अधीक्षक द्वारा जनता का पुलिस पर बढ़ते विश्वास का दावा किया जाता है, वहीं दूसरी ओर दूसरे राज्य से आए परिवार की गंभीर शिकायत पर तीन दिन तक मामला दर्ज न होना चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कब तक कार्रवाई करती है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।

