नई दिल्ली। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित होने वाली 17वीं पेंशन अदालत में वरिष्ठतम पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों की 897 लंबित शिकायतों के निवारण के लिए सुनवाई की जाएगी।
24 मंत्रालयों और विभागों से संबंधित और सीपीएनजीआरएएमएस पोर्टल पर दर्ज की गई वरिष्ठतम पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों की ये शिकायतें यहां आईआईपीए स्थित टीएन चतुर्वेदी मेमोरियल हॉल में आयोजित पेंशन अदालत में निवारण के लिए सूचीबद्ध की गई हैं।
बयान में कहा गया है कि देश भर से वरिष्ठतम पेंशनभोगी, पारिवारिक पेंशनभोगी और उनके रिश्तेदार हाइब्रिड मोड के माध्यम से कार्यवाही में भाग लेंगे, क्योंकि शिकायतकर्ताओं को पेंशन अदालत में शारीरिक रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।
बयान में कहा कि कार्यवाही के दौरान, मंत्री जितेंद्र सिंह 13 मई को आयोजित 16वीं पेंशन अदालत की सफलताओं को उजागर करने वाले पर्चे भी जारी करेंगे। इसके अलावा, पारिवारिक पेंशनभोगियों से संबंधित मुद्दों पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (एफएक्यू) वाली एक पुस्तिका भी जारी की जाएगी।
पेंशन अदालत केंद्रीय सरकारी पेंशनभोगियों की शिकायतों के तत्काल निवारण के लिए पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा शुरू की गई एक अभिनव पहल है। यह एक साझा मंच प्रदान करती है जहां किसी विशेष प्रकार की शिकायत से संबंधित सभी हितधारक लंबे समय से लंबित पेंशन संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए एक साथ आ सकते हैं। इस प्रकार, यह 'समग्र सरकारी दृष्टिकोण' की भावना से कार्य करती है।
पेंशन अदालत, एक वैकल्पिक समाधान तंत्र, महंगे और समय लेने वाले अदालती मामलों की आवश्यकता को समाप्त करने में मदद करती है, जिससे शिकायतों के निवारण के लिए एक कुशल और लागत प्रभावी तंत्र उपलब्ध होता है। यह मुकदमेबाजी को कम करने के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता है।
2017 में पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा शुरू किए जाने के बाद से, पेंशन अदालतें जटिल और लंबे समय से लंबित पेंशन संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए एक कुशल और प्रभावी तंत्र के रूप में उभरी हैं। 71.79 प्रतिशत की सफलता दर के साथ, इस पहल ने अपने पिछले 16 संस्करणों में कुल 28,797 शिकायतों में से 20,676 शिकायतों का मौके पर ही समाधान करके अपनी उपयोगिता साबित की है। बयान के अनुसार, शेष मामलों का भी संबंधित पेंशन अदालतों के बाद अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठकों के माध्यम से निपटारा किया गया है।














