मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली और खाकी की मर्यादा को कठघरे में खड़ा करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां ट्रैफिक थाना प्रभारी मनोज सोलंकी का एक सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ट्रैफिक टीआई बीच सड़क पर एक पिकअप लोडिंग वाहन चालक को सरेआम थप्पड़ मारते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। वहीं, पास के दुकानदार ने टीआई पर गाली-गलौज करने, कर्मचारी का हाथ मरोड़ने और पीठ पर घूंसा मारने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद शहर में पुलिस की कार्यशैली को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।
यह पूरा घटनाक्रम 11 सितंबर की सुबह करीब 11 बजे का बताया जा रहा है। मंदसौर शहर के व्यस्त वीर सावरकर पुलिया क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब सड़क किनारे वाहन खड़ा करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जानकारी के अनुसार, एक ग्राहक अपने पिकअप वाहन से अंडों की खरीद-फरोख्त के लिए एक दुकान के सामने रुका हुआ था। उसी दौरान ट्रैफिक व्यवस्था का जायजा लेने निकले ट्रैफिक थाना प्रभारी मनोज सोलंकी वहां पहुंचे। आरोप है कि वाहन के सड़क किनारे खड़े होने की बात पर थाना प्रभारी आगबबूला हो गए और चालक के साथ विवाद शुरू हो गया।
दुकान संचालक आमिर पठान ने पुलिस अधिकारी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आमिर पठान का आरोप है कि:
- थाना प्रभारी मनोज सोलंकी ने आते ही पिकअप चालक के साथ अभद्र भाषा और गालियों का इस्तेमाल किया।
- बात बढ़ने पर चालक के साथ मारपीट की गई।
- बीच-बचाव में आए दुकान के कर्मचारी रेहान के साथ भी बदसलूकी की गई, उसका हाथ मरोड़ दिया गया और पीठ पर घूंसा मारा गया।
दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरा घटनाक्रम कैद हो गया। फुटेज में ट्रैफिक टीआई साफ तौर पर पिकअप चालक को जोरदार थप्पड़ जड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। वाहन के वहां से निकलने के बाद भी थाना प्रभारी दोबारा दुकान की ओर आते और आक्रोश जताते नजर आ रहे हैं।
खाकी के आचरण पर खड़े हुए गंभीर सवाल
सीसीटीवी वीडियो सार्वजनिक होने के बाद यह मामला जिले के प्रशासनिक हलकों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालानी कार्रवाई अथवा वैधानिक प्रक्रिया अपनाने के बजाय सरेराह हाथ छोड़ने और गाली-गलौज करने की इस घटना ने कानून के रखवालों की जवाबदेही पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। अब देखना होगा कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और दुकानदार के आरोपों के बाद पुलिस के उच्चाधिकारी इस मामले में क्या संज्ञान लेते हैं और क्या विभागीय जांच के आदेश दिए जाते हैं।




