छतरपुर, संदीप यादव। ईशानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बोड़ा गांव में शुक्रवार की सुबह आपसी रंजिश के चलते एक बड़ी मारपीट का मामला सामने आया है। शराब के नशे में हुई पुरानी गाली-गलौज की बात को लेकर दबंगों ने रास्ते में घेरकर जीजा और साले पर लाठी-डंडों, बंदूक और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें पहले स्थानीय थाने ले जाया गया और फिर हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोनू बंशल (उम्र 26 वर्ष, पिता दिब्बू बंशल) निवासी बोड़ा, ईशानगर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनके जीजा सुनील बंशल (उम्र 27 वर्ष, पिता सुल्लु बंशल) निवासी धौरी, ओरछा रोड थाना क्षेत्र के हैं। घटना से एक दिन पहले साले मोनू को जीजा सुनील ने मूंगफली तुड़वाने के अपने गांव बुलाया था।

शौचक्रिया के लिए जाते समय रास्ते में रोका और किया हमला परिजनों और घायलों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीते रोज शराब के नशे में किसी बात को लेकर गाली-गलौज का विवाद हुआ था। इसी रंजिश को दिल में पाले बैठे आरोपियों ने शुक्रवार की सुबह करीब 7 बजे इस वारदात को अंजाम दिया। जब जीजा और साले सुबह के समय शौचक्रिया के लिए जा रहे थे, तभी रास्ते में आरोपियों ने उन्हें रोक लिया।

लाठी-डंडे, बंदूक और चाकी से लैस थे हमलावर हमलावरों के हाथ में लाठी-डंडे, बंदूक और चाकी (धारदार हथियार) मौजूद थे। आरोप है कि अरुण बंशल, मनोज बंशल, कारी बंशल, अजय बंशल, वरुण बंशल, जीवन बंशल और अमर बंशल ने मिलकर दोनों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अचानक हुए इस जानलेवा हमले से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना के तुरंत बाद पीड़ित पक्ष पहले थाने पहुंचा, जहां से पुलिस ने कागजी प्रक्रिया और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोनों घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।