भोपाल, जितेंद्र यादव | मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट का मुकाबला अब पूरी तरह दिलचस्प और कांटे का हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए सोमवार को अपने तीसरे प्रत्याशी के रूप में ओरछा (रामराजा की नगरी) के जमीनी कार्यकर्ता महेश केवट को मैदान में उतारकर उनका नामांकन दाखिल करा दिया है। इस चौंकाने वाले सियासी कदम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नवनियुक्त भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संयुक्त रूप से हुंकार भरी है कि भाजपा यह चुनाव सिर्फ लड़ने के लिए नहीं, बल्कि हर हाल में जीतने के लिए लड़ रही है। बीजेपी के इस मास्टरस्ट्रोक से राज्यसभा की तीसरी सीट पर अब वोटिंग होना पूरी तरह तय हो गया है।
भगवान राम के आशीर्वाद और गौरवशाली परंपरा का शंखनाद: सीएम
नामांकन प्रक्रिया के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पार्टी के इस फैसले पर बेहद खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे भाजपा की अंत्योदय और सर्वसमावेशी नीति की बड़ी जीत बताया।
पिछड़े वर्ग को सीधे उच्च सदन का टिकट:
"मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि भाजपा ने अपनी गौरवशाली परंपरा का निर्वहन करते हुए तीसरे प्रत्याशी को मैदान में उतारा है। महेश केवट लंबे समय से संगठन की अग्रिम पंक्ति में रहकर काम कर रहे हैं। वे प्रभु श्रीराम की नगरी ओरछा धाम से आते हैं और उन पर भगवान राम का विशेष आशीर्वाद है। हमारी पार्टी जो कहती है, वह धरातल पर करके दिखाती है। यह हमारे लिए अत्यंत आनंद का क्षण है कि पार्टी ने एक ऐसे समाज के व्यक्ति को देश के सर्वोच्च सदन (राज्यसभा) में भेजने का निर्णय लिया है, जिनका विधानसभा और लोकसभा में प्रतिनिधित्व बेहद कम था। हमने उन्हें सीधे उच्च सदन में प्रतिनिधित्व देकर समाज के हर वर्ग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का शंखनाद कर दिया है। मुझे पूरा विश्वास है कि हम तीनों सीटों पर ऐतिहासिक विजय दर्ज करेंगे।"
- डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
बहुमत कम होने की बात बड़ी नहीं, हमारे पास पर्याप्त विधायक: हेमंत खंडेलवाल
वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी प्रत्याशी महेश केवट की उम्मीदवारी की पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि ओरछा धाम के इस जमीनी चेहरे को समाज के सभी वर्गों और विधायकों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। जब मीडिया ने प्रदेश अध्यक्ष से तीखा सवाल पूछा कि तीसरी सीट जीतने के लिए भाजपा के पास पर्याप्त संख्या बल (बहुमत) नहीं है, तो उन्होंने बेहद सधे हुए अंदाज में जवाब दिया, "हमारे पास अपने विधायकों की पर्याप्त संख्या है। हालांकि यह सच है कि तीसरी सीट के गणित के लिए कुछ वोट कम पड़ रहे हैं, लेकिन राजनीति में यह कोई इतनी बड़ी बात नहीं है। हम पूरी मजबूती और आत्मविश्वास के साथ चुनाव मैदान में डटे हुए हैं और परिणाम हमारे पक्ष में ही आएगा।"
हॉर्स ट्रेडिंग (खरीद-फरोख्त) के आरोपों पर तंज- 'कांग्रेस डरी हुई क्यों है?'
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा भाजपा पर लगाए गए विधायकों की खरीद-फरोख्त और लोकतंत्र की हत्या के गंभीर आरोपों पर हेमंत खंडेलवाल ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह सिरे से खारिज करते हुए कहा:
कोई चर्चा नहीं हुई: "हमारी इस संबंध में विपक्षी दल के किसी भी विधायक से कोई बात नहीं हुई है। भाजपा अपने सिद्धांतों और नीतियों के दम पर चुनाव मैदान में उतरी है।"
डर का माहौल: खंडेलवाल ने तंज कसते हुए आगे कहा, "अगर कांग्रेस के विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और उन्हें अपने नेतृत्व पर भरोसा है, तो फिर कांग्रेस पार्टी इतनी घबराई और डरी हुई क्यों है? उनके भीतर का यह डर ही साफ बयां कर रहा है कि उनके अपने घर में सब कुछ ठीक नहीं है।"
महेश केवट के इस नामांकन के बाद अब मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट का यह मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर आ गया है, जहां शह और मात के इस खेल में दोनों ही दल अपनी-अपनी जीत के दावे ठोक रहे हैं।

