कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने शनिवार को दावा किया कि कोलकाता और हावड़ा में होने वाले आगामी नगर निगम चुनाव भी इस वर्ष के आरंभ में हुए राज्य विधानसभा चुनावों की तरह ही 'एकतरफा' होंगे।

मंत्री ने यह भी दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस का अस्तित्व समाप्त हो चुका है और वाम मोर्चा वापसी नहीं कर पाएगा।

इसलिए, घोष को उम्मीद है कि आगामी दो नगर निगम चुनावों में भाजपा भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी, जो नवंबर के अंतिम सप्ताह या दिसंबर के पहले सप्ताह में होने की संभावना है।

मंत्री ने कहा कि नगर निगम चुनावों के परिणाम भी विधानसभा चुनावों की तरह ही होंगे। तृणमूल कांग्रेस ने केवल लूटपाट की है। इसलिए, जनता उन्हें अब और मौका नहीं देगी। राज्य की जनता बिना सोचे-समझे कोई निर्णय नहीं लेती। इसलिए बड़े-बड़े बयान देने का कोई मतलब नहीं है।

उन्होंने इस मुद्दे पर वाम मोर्चे पर भी निशाना साधा और वामपंथियों का उपहास करते हुए उन्हें 'पश्चिम बंगाल की राजनीति में मोहभंग और अप्रासंगिक' बताया।

दुर्गा पूजा के दौरान वाम मोर्चे द्वारा लगाए गए पुस्तक स्टॉलों में हाल ही में हुई तोड़फोड़ पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि इस मुद्दे को उठाने का कोई फायदा नहीं है। वामपंथियों की किताबें कौन पढ़ता है? उनके जमाने की किताबें अब खत्म हो चुकी हैं। केवल निराश लोग ही उनकी किताबें पढ़ते हैं। इसलिए जो मिला है उसी से संतुष्ट रहें। 2021 के विधानसभा चुनावों में उनकी सीटें शून्य हो गईं थीं। अब उन्हें एक सीट मिली है। उसी से खुश रहें। उनका मौका तो बहुत पहले ही हाथ से निकल गया था। जनता ने 15 साल पहले ही वामपंथियों का सफाया कर दिया था।

मंत्री के अनुसार, पश्चिम बंगाल की जनता स्वच्छ राजनीति चाहती है और केवल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ही इसे प्रदान कर सकती है।

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर एनडीए में शामिल हुए 20 सांसदों के बारे में दिलीप घोष ने कहा कि वे खुद नहीं जानते कि क्या करें! आज वे यहां हैं, कल वहां। जिस पार्टी से वे आए हैं, उसकी कोई विचारधारा नहीं है और वह पार्टी अब अस्तित्व में नहीं है।

चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ में 19 लोगों की मौत के संबंध में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार काफी सक्रिय है, जांच चल रही है। मुख्यमंत्री स्वयं इस मामले को देख रहे हैं।