गुवाहाटी। असम सरकार ने कई विभागों के कुछ सरकारी पदों पर पात्र पूर्व अग्निवीरों की भर्ती के लिए 12 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि इस पहल के तहत हर वर्ष होने वाली भर्ती प्रक्रिया 2027 से शुरू होगी।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस फैसले की घोषणा की। उन्होंने इसे पूर्व अग्निवीरों की सेवा को मान्यता देने और राज्य में उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक कदम बताया।
गृह (ए) विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय हाल ही में हुई असम कैबिनेट की बैठक के बाद लिया गया है। यह आरक्षण कुछ तय पदों पर होने वाली सीधी भर्तियों में लागू होगा और सरकार हर साल भर्ती अभियान चलाकर लोगों को नियुक्त करेगी।
इसका लाभ उन पात्र पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा, जो असम के स्थायी निवासी हैं और जिन्हें 'अग्निपथ योजना' के तहत भारतीय सेना, नौसेना या वायुसेना में भर्ती किया गया था।
इसके लिए आवेदकों का चार वर्ष का सेवा कार्यकाल पूरा होना चाहिए और उनके पास सेवा से मुक्त होने के समय जारी किया गया आधिकारिक 'अग्निवीर प्रमाणपत्र' होना चाहिए।
यह आरक्षण असम पुलिस, वन विभाग, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), जेल विभाग, होम गार्ड और आबकारी विभाग सहित कई विभागों के विशिष्ट पदों पर लागू होगा।
सरकार के इस फैसले से पूर्व अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद, राज्य सरकार की सेवाओं में करियर बनाने के अतिरिक्त अवसर मिलने की उम्मीद है।
बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा 2022 में शुरू की गई 'अग्निपथ योजना' के तहत, सशस्त्र बलों में चार वर्ष के लिए कर्मियों की भर्ती की जाती है।
इस योजना के अंतर्गत, हर बैच के कुछ लोगों को नियमित सेवा के लिए रखा जा सकता है, जबकि बाकी कर्मी अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद नागरिक जीवन में लौट आते हैं और अन्य करियर अपनाते हैं।
असम सरकार के इस नए कदम का उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों द्वारा अपनी सैन्य सेवा के दौरान हासिल की गई ट्रेनिंग, अनुशासन और व्यावहारिक अनुभव का उपयोग विभिन्न सरकारी सेवाओं में करना है।
अधिसूचना में आरक्षण का एक व्यापक ढांचा तय किया गया है, जबकि इसमें शामिल विशिष्ट पद, भर्ती का समय और आवेदन की प्रक्रिया लागू नियमों और बाद में जारी होने वाले दिशा-निर्देशों के अनुसार तय की जाएगी।
राज्य सरकार की यह पहल, असम की सरकारी सेवाओं में पात्र पूर्व सैन्य कर्मियों के लिए व्यवस्थित रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।














