ग्वालियर। ग्वालियर के नारायण विहार क्षेत्र में रविवार को जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त दल ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया। उच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में की गई इस बड़ी कार्रवाई के तहत सड़क मार्ग पर अवैध रूप से बने लगभग 74 मकानों को पूरी तरह से खाली कराकर ढहा दिया गया। कई घंटों तक चली इस कड़े प्रशासनिक एक्शन के बाद पूरे मार्ग को अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त करा लिया गया है।
इस बड़े अतिक्रमण विरोधी अभियान का नेतृत्व एसडीएम लश्कर नरेंद्र बाबू यादव ने किया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में किसी भी प्रकार के विरोध और कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल तैनात किया गया था। संयुक्त कार्रवाई दल में मुख्य रूप से सीएसपी अतुल सोनी, चार तहसीलदार, राजस्व विभाग का अमला, थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव, नगर निगम के मदाखलत दस्ते के प्रभारी और जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी अपनी टीमों के साथ शामिल रहे।
एसडीएम नरेंद्र बाबू यादव ने कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि रविवार सुबह करीब 11 बजे से शुरू हुआ यह अभियान शाम 7 बजे तक लगातार जारी रहा। अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा तीन जेसीबी मशीनों और एक बड़ी पोकलेन मशीन को लगाया गया था। अमले ने सबसे पहले सड़क सीमा में आने वाले चिन्हित 74 मकानों से नागरिकों का सामान बाहर निकलवाकर उन्हें खाली कराया, जिसके बाद भारी मशीनों के जरिए अवैध निर्माणों को ढहाकर मलबे को साफ किया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नारायण विहार मुख्य मार्ग पर लंबे समय से काबिज इस अवैध निर्माण को हटाने की यह पूरी कार्रवाई माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों और निर्देशों के अनुरूप की गई है। पूरे अभियान के दौरान पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों के चलते पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई और कहीं भी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हुई। अधिकारियों के मुताबिक न्यायालय के आदेश का अक्षरशः पालन कराने और सार्वजनिक रास्तों को सुगम बनाए रखने के लिए आने वाले दिनों में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।




