भोपाल। मध्य प्रदेश में साइबर पुलिस और प्रशासन की तमाम सख्त हिदायतों व जागरूकता अभियानों के बावजूद डिजिटल ठगी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शातिर साइबर ठग मासूम नागरिकों को अपनी जालसाजी का शिकार बनाने के लिए हर दिन नए-नए और बेहद लुभावने पैंतरे अपना रहे हैं। इसी कड़ी में ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला नया मामला राजधानी भोपाल के बागसेवनिया थाना इलाके से सामने आया है। यहाँ जालसाजों ने एक प्रतिष्ठित फ्रेंडशिप क्लब का प्रतिनिधि बनकर एक व्यक्ति को लकी ड्रॉ में चमचमाती 'थार कार' जीतने का झांसा दिया और अलग-अलग टैक्स व शुल्कों के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए।


'उर्मी फ्रेंडशिप क्लब' का प्रतिनिधि बनकर जालसाजों ने फोन पर बुना जाल

बागसेवनिया थाना प्रभारी अमित सोनी ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 55 वर्षीय शिकायतकर्ता अनंत मसीह, जो बाग मुगलिया की रामेश्वरम कॉलोनी के निवासी हैं, इस बड़ी धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। घटना की शुरुआत 25 अप्रैल को हुई, जब 'उर्मी फ्रेंडशिप एंड डेटिंग क्लब', लक्ष्मी नगर नई दिल्ली के प्रतिनिधि बनकर कुछ अज्ञात शातिरों ने फोन और व्हाट्सएप (WhatsApp) के जरिए अनंत से संपर्क साधा। इसके ठीक दो दिन बाद यानी 27 अप्रैल को ठगों ने उन्हें एक बड़ी खुशखबरी देते हुए बताया कि वे क्लब के विशेष 'सुपर सिक्स प्रोग्राम लकी ड्रॉ' के भाग्यशाली विजेता चुने गए हैं और उन्हें इनाम के तौर पर एक महिंद्रा थार गाड़ी दी जाएगी। इस झांसे में आकर पीड़ित आरोपियों के बुने जाल में फंस गया।


कार देने के नाम पर पंजीयन, आरटीओ और जीएसटी जैसे फर्जी शुल्कों की वसूली

शिकायत के अनुसार, ठगों ने पीड़ित को कार की डिलीवरी देने के नाम पर शुरुआत में बेहद कम रकम के साथ टैक्स जमा करने को कहा। धीरे-धीरे उन्होंने रजिस्ट्रेशन फीस, क्लब की सदस्यता, डॉक्यूमेंटेशन, आरटीओ (RTO) चार्ज, गाड़ी का इंश्योरेंस, टीसीएस (TCS) और जीएसटी (GST) समेत कई अन्य कागजी प्रक्रियाओं का बहाना बनाकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाना शुरू कर दिया। इनाम पाने की चाह में फरियादी अनंत ने अलग-अलग किश्तों में कुल 6 लाख 83 हजार 295 रुपये आरोपियों के बताए खातों में जमा कर दिए। इसके बाद ठगी का सिलसिला यहीं नहीं रुका। 13 मई को राज शर्मा और हिमांशु कुमार नामक व्यक्तियों ने उनसे दोबारा संपर्क किया और एक नया झांसा देते हुए कहा कि उनका चयन कंपनी की वीआईपी (VIP) सदस्य प्रोफाइल के रूप में हो गया है। इसके बाद सुरक्षा शुल्क, स्वास्थ्य बीमा और मेडिकल चेकअप के नाम पर उनसे 2 लाख 72 हजार 129 रुपये और ऐंठ लिए गए।


25 अप्रैल से 5 जून के बीच हुई वारदात, छह नामजद आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज

जब पीड़ित अनंत को काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो कार मिली और न ही वीआईपी सदस्यता का कोई लाभ, तो उन्हें अपने साथ हुई ठगी का गहरा अहसास हुआ। उन्होंने जब आरोपियों से अपनी पूरी रकम वापस मांगी, तो शातिरों ने पैंतरा बदलते हुए 28 हजार 707 रुपये अतिरिक्त जमा करने की नई शर्त रख दी और दावा किया कि यह अंतिम राशि जमा होते ही अगले 24 से 28 घंटे में उनके सारे पैसे खाते में रिफंड कर दिए जाएंगे। पीड़ित ने जब अपनी जमा राशि में से ही यह रकम काटने को कहा, तो आरोपियों ने साफ मना कर दिया, जिससे पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई। पुलिस के अनुसार, यह पूरी धोखाधड़ी 25 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच अंजाम दी गई। शातिरों ने पीड़ित के स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक खाते से गूगल-पे (Google Pay) के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजैक्शन करवाकर कुल 9,55,487 रुपये उड़ा लिए। परेशान पीड़ित ने बागसेवनिया थाने में शिकायती आवेदन देकर आरोपियों के नाम और उनके मोबाइल नंबर पुलिस को सौंप दिए हैं। पुलिस ने पीड़ित के आवेदन पर राजेश शर्मा, आलोक मिश्रा, राज शर्मा, हिमांशु कुमार, राजेश कुमार और पंकज सिंह भदौरिया नामक छह आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर तकनीकी और बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है।