पन्ना। जिले के पवई कस्बे में बुधवार दोपहर एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। एक आशा कार्यकर्ता को कमरे में बंद कर हंसिए से बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। हत्या के बाद आरोपी ने भी सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय महिला की 17 वर्षीय बेटी घर पर मौजूद थी, लेकिन आरोपी ने उसे जबरन कमरे से बाहर निकाल दिया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। कुछ देर बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे के भीतर दोनों के शव खून से लथपथ हालत में पड़े मिले। घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत और सनसनी का माहौल है।
जानकारी के अनुसार मृतका रजनी शुक्ला 37 वर्ष सुनवानी क्षेत्र में आशा कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत थीं और पवई में किराए के मकान में अपनी बेटी के साथ रहती थीं। आरोपी सुरेंद्र उर्फ सीताराम तिवारी रजनी के गांव का ही निवासी था और दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे। पुलिस के मुताबिक बुधवार दोपहर करीब एक से दो बजे के बीच सुरेंद्र रजनी के घर पहुंचा। उस समय रजनी की 17 वर्षीय बेटी भी घर पर थी। आरोपी ने बेटी को जबरन कमरे से बाहर कर दिया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद रजनी और सुरेंद्र के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने हंसिए से रजनी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। महिला की गर्दन और बाएं हाथ के ऊपरी हिस्से पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। हमले में रजनी की मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि वारदात के दौरान बेटी बाहर खड़ी होकर चीखती रही, लेकिन वह कमरे के अंदर नहीं जा सकी। हत्या करने के बाद आरोपी ने भी सल्फास की गोली खा ली। जहरीला पदार्थ खाने से उसकी भी मौके पर मौत हो गई। बेटी ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पवई पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कमरे का दरवाजा खुलवाया तो अंदर बेड पर रजनी शुक्ला का शव और पास ही आरोपी सुरेंद्र का शव पड़ा मिला। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एसडीओपी भावना सिंह दांगी ने बताया कि आरोपी ने हत्या क्यों की, दोनों के बीच किस प्रकार के संबंध थे और विवाद की वास्तविक वजह क्या थी, इसका अभी खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है तथा सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट है कि हत्या के बाद आरोपी ने आत्महत्या की, लेकिन पूरे घटनाक्रम के पीछे की असली वजह जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।



