नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को दीपावली और त्योहारी सीजन को देखते हुए राज्यों को 1,09,019 करोड़ रुपए के कर हस्तांतरण की नियमित किस्त तय समय से पहले जारी कर दी। यह राशि सामान्य तौर पर 10 नवंबर को जारी की जानी थी।वित्त मंत्रालय के अनुसार, आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए और राज्यों को पूंजीगत खर्च में तेजी लाने और विकास एवं कल्याण से जुड़े खर्चों के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह राशि जारी की गई है।
इस राशि में से देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश को 19,208 करोड़ रुपए मिले हैं। बिहार को 10,845 करोड़ रुपए, मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़ रुपए, पश्चिम बंगाल को 7,866 करोड़ रुपए, महाराष्ट्र को 7,022 करोड़ रुपए और राजस्थान को 6,460 करोड़ रुपए मिले हैं।
पिछले सप्ताह भी केंद्र सरकार ने राज्यों को 1,09,019 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कर हस्तांतरण किस्त जारी की थी। यह राशि नियमित मासिक कर हस्तांतरण के अतिरिक्त थी।
इससे पहले अगस्त में भी सरकार ने राज्यों को 1,09,019 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कर हस्तांतरण किस्त जारी की थी, जो सामान्य मासिक हस्तांतरण के अतिरिक्त थी। यह कदम राज्यों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने और उनके पूंजीगत एवं विकास संबंधी खर्चों में तेजी लाने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप था।
इसके अतिरिक्त, चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (अप्रैल-सितंबर) में भारत का राजकोषीय घाटा 7.14 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। यह पूरे वित्त वर्ष के बजट अनुमान का 42.1 प्रतिशत है।
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 16.96 लाख करोड़ रुपए का राजकोषीय घाटा रहने का बजट अनुमान रखा है।
इस दौरान सरकार की राजस्व प्राप्तियां 17.57 लाख करोड़ रुपए रहीं, जो बजट अनुमान का 49.7 प्रतिशत है। इसमें शुद्ध कर राजस्व 12.76 लाख करोड़ रुपए और गैर-कर राजस्व 4.81 लाख करोड़ रुपए रहा।

















