बिसंडा/बांदा। बांदा जिले के बिसंडा थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक नर्मदेश्वर महादेव मंदिर की जमीन को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। मंदिर की देखरेख करने वाले पैतृक पुजारी परिवार की महिला ने कुछ बाहरी दबंगों पर फर्जी ट्रस्ट पंजीकृत कराकर मंदिर से जुड़ी करीब 10 बीघा कृषि भूमि को हड़पने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
फर्जी ट्रस्ट बनाकर 10 बीघा जमीन पर कब्जे की साजिश
शिकायतकर्ता पुष्पा देवी (पुत्री स्व. रामेश्वर प्रसाद व स्व. कोदिया), निवासी दूल्हा थोक गांधी नगर (बिसंडा) ने आरोप लगाया कि चित्रकूट जिले के रमयापुर (थाना पहाड़ी) निवासी आशीष, नीलम, अनुसुइया और पप्पू समेत अन्य लोग मंदिर की संपत्ति पर नीयत खराब किए हुए हैं। आरोप है कि बिसंडा के संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल की कथित मिलीभगत से गाटा संख्या 2348 (रकबा 2.829 हेक्टेयर) के लगभग दो-तिहाई हिस्से (करीब 10 बीघा) को फर्जी ट्रस्ट के नाम पंजीकृत कराने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता के अनुसार, मंदिर से जुड़े पैतृक पुजारी परिवार को इस पूरी प्रक्रिया की कोई जानकारी नहीं दी गई और गुप्त रूप से जमीन को बेचने व हड़पने की साजिश रची जा रही है।
"जीवनभर मां ने की सेवा, अब भू-माफियाओं की नजर"
पुष्पा देवी ने बताया कि उनकी दिवंगत मां श्रीमती कोदिया जीवनभर नर्मदेश्वर महादेव मंदिर की निस्वार्थ सेवा-पूजा करती रहीं। मां के निधन के पश्चात वे स्वयं अपने पिता के साथ मंदिर की व्यवस्थाएं संभालती आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर की ऐतिहासिक संपत्ति को किसी भी हाल में व्यावसायिक स्वार्थ के लिए हड़पने नहीं दिया जाएगा।
एडीएम ने दिए एसडीएम अतर्रा को जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी (AADM) ने एसडीएम अतर्रा को पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ट्रस्ट पंजीकृत कराने की साजिश की निष्पक्ष जांच हो। दोषी व्यक्तियों और संलिप्त कर्मचारियों को चिह्नित कर उन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। ऐतिहासिक नर्मदेश्वर महादेव मंदिर और उससे जुड़ी जमीन की प्रशासनिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल, उपजिलाधिकारी अतर्रा की प्रशासनिक जांच के बाद ही कथित ट्रस्ट और राजस्व अभिलेखों में हेरफेर के आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




