छतरपुर, संतोष शिवहरे। जिला मुख्यालय के अंतर्गत आने वाले ग्राम बूदौर में शासकीय पट्टे की भूमि का अवैध तरीके से क्रय-विक्रय और नामांतरण कराकर जबरन कब्जा करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में पीडि़त ग्रामीण संतोष कुशवाहा, बबलू, राजू, ननकोले, लाल्ले, राजेश सहित अन्य आवेदकों ने छतरपुर कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।


कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम बूदौर के भूमि खसरा क्रमांक 1122, जो कि शासन से प्राप्त पट्टे की भूमि है और पूर्व से ही तालाब के रूप में दर्ज है, को अजीत सिंह वर्मा, गायत्री पचौरी और महेंद्र अग्रवाल द्वारा बिना किसी सक्षम शासकीय अनुमति के अवैध रूप से क्रय कर लिया गया। इतना ही नहीं, नियमों को ताक पर रखकर इस भूमि का अवैध तरीके से नामांतरण भी करा लिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त खसरा नंबर का रकबा खतौनी में 6 हेक्टेयर से अधिक है, जबकि मौके के नक्शे में यह केवल 3 हेक्टेयर के आसपास है, जिससे स्पष्ट है कि बिना जांच-पड़ताल के ही पट्टों का वितरण कर दिया गया। शिकायत में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि बिना किसी तरमीम या सीमांकन के, कथित क्रेताओं द्वारा रमेश पचौरी, मनीष पचौरी और विष्णु पचौरी के साथ मिलकर करीब 40 से 50 अज्ञात लोगों को जेसीबी मशीन लेकर मौके पर भेजा गया, जिन्होंने ग्रामीणों की भूमि पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की। इस दौरान विरोध करने पर ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए इस विवादित भूमि की विधिवत जांच कराई जाए और दबंगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।