गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार खेल के बुनियादी ढांचे, ट्रेनिंग सुविधाओं और उपकरणों में लगातार निवेश कर रही है, ताकि युवा खिलाड़ी अपनी क्षमता को पहचान सकें और सबसे ऊंचे स्तर पर मुकाबला कर सकें।सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए ऐसा माहौल बनाने पर है, जिससे खिलाड़ी जमीनी स्तर से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ सकें।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, "हम खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें वैश्विक मंच पर अपने सपने पूरे करने में मदद करने के लिए अपने युवाओं में निवेश कर रहे हैं। यह काम बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षण और उपकरणों में मदद के जरिए किया जा रहा है।"
सरकार की चल रही पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के मकसद से शुरू की गई कई परियोजनाओं के जरिए असम का खेल का सफर "स्थानीय मैदानों से वैश्विक मंच तक" जारी है।
मुख्यमंत्री सरमा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार एथलीटों को वैज्ञानिक कोचिंग और चोट के इलाज की सुविधाएं देने के लिए तीन शहरों में 'हाई परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स ट्रेनिंग और रिहैबिलिटेशन सेंटर' बना रही है।
राज्य सरकार सभी विधानसभा क्षेत्रों में युवा क्लबों को खेल का सामान भी उपलब्ध करा रही है। इसका मकसद जमीनी स्तर पर खेलों में भागीदारी को बढ़ावा देना और ग्रामीण व शहरी इलाकों से होनहार प्रतिभाओं की पहचान करना है।
प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में सरकार राधा गोविंद बरुआ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का फिर से विकास कर रही है और अमीनगांव स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक ओपन स्टेडियम बना रही है।
अपर असम में खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने और बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी करने के लिए डिब्रूगढ़ में खानिकर स्टेडियम का विस्तार भी किया जा रहा है। इसके अलावा, इस खेल में क्षेत्र की पारंपरिक मजबूती को बढ़ावा देने और ऐसे एथलीट तैयार करने के लिए सोनारी में एक आर्चरी अकादमी बनाई जा रही है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य और देश का प्रतिनिधित्व कर सकें।
मुख्यमंत्री ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि खेल विकास राज्य की युवा सशक्तीकरण रणनीति का एक अहम हिस्सा है। सरकार असम से एथलीटों की एक मजबूत पाइपलाइन तैयार करने के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, अच्छी कोचिंग और खेल संसाधनों तक बेहतर पहुंच पर ध्यान दे रही है।




